अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से परमाणु वार्ता का रास्ता साफ हो गया है. दोनों देशों के प्रतिनिधि गुरुवार यानी 26 फरवरी को जिनेवा में परमाणु समझौते को लेकर बातचीत करेंगे.
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से परमाणु वार्ता होने जा रही है. ये बातचीत फिर से जिनेवा में होगी. ओमान के विदेश मंत्री बदर अल-बुसैदी ने रविवार को इसकी पुष्ट्र करते हुए कहा कि अगले दौर की बातचीत फिर से जिनेवा में होगी. जिसे लेकर ईरान ने कूटनीतिक समाधान की उम्मीद जताई है लेकिन सैन्य टकराव की आशंका से अब भी इनकार नहीं किया जा सकता.
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका इस इलाके में अपनी सैन्य मौजूदगी को मजबूत कर रहा है, जिससे ईरान के साथ बड़े टकराव की चिंता बढ़ गई है. न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया कि पेंटागन अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, कतर के अल उदीद बेस से सैकड़ों सैनिकों को ट्रांसफर किया गया है.
ट्रंप हर हाल में ईरान पर अपने परमाणु कार्यक्रम रोकने के लिए दबाव बनाएंगे. लेकिन ईरान इसके लिए कभी राजी नहीं होगा. जिसे लेकर खामेनेई कई बार इनकार भी कर चुके हैं. इस बीच ईरान में एक बार फिर से खामेनेई के खिलाफ विद्रोह की आग भड़कने लगी है. अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता की पुष्ट्रि के बाद तेहरान में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह 10 से 15 दिनों के अंदर न्यूक्लियर डील पर अमेरिका के साथ समझौता कर ले, नहीं तो यह बुरा होगा.










