नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने गुरुवार को 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को SIR से संबंधित तैयारी का काम जल्द से जल्द पूरा करने को कहा है. आयोग के मुताबिक, इन राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों में अप्रैल से एसआईआर शुरू किए जाने की उम्मीद है.
पोल पैनल ने इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO) से इस बारे में सभी तैयारी जल्द से जल्द पूरी करने को कहा है. तीसरे चरण में, पोल पैनल आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, लद्दाख, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, एनसीटी दिल्ली, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तराखंड में एसआईआर करेगा.
संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सीईओ को लिखे अपने पत्र में, जिसकी एक कॉपी ईटीवी भारत को मिली, चुनाव आयोग सेक्रेटरी पवन दीवान ने गुरुवार को लिखा, “आयोग ने 24 जून, 2025 के आदेश (कॉपी) के जरिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) करने का आदेश दिया है. इसी क्रम में, आयोग ने 5 जुलाई, 2025 के पत्र के जरिए सभी सीईओ (बिहार को छोड़कर) को एसआईआर अभ्यास के लिए पूर्व-संशोधन गतिविधि शुरू करने का निर्देश दिया है.
इसके अलावा, आयोग ने 27 अक्टूबर, 2025 के पत्र के जरिए चल रही 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर अभ्यास की घोषणा की थी. खास बात यह है कि दूसरे फेज में, अभी पोल पैनल 9 राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेश में एसआईआर कर रहा है. इनमें अंडमान और निकोबार, छत्तीसगढ़, गुजरात, गोवा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और लक्षद्वीप शामिल हैं. इनमें तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल और पुडुचेरी जैसे चुनाव वाले राज्य भी शामिल हैं.
असम में, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची का का स्पेशल रिवीजन किया है. चुनाव आयोग के मुताबिक, एसआईआर यह गारंटी देना चाहता है कि कोई भी योग्य नागरिक छूट न जाए और कोई भी अयोग्य व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो.
एसआईआर का पहला फेज पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में किया गया था. निर्वाचन आयोग ने इस काम के सफल होने के बाद दूसरे चरण की घोषणा की थी. राज्य में एसआईआर में कोई अपील नहीं हुई.









