इंदौर : देश की क्लीनेस्ट सिटी इंदौर के भागीरथपुरा में जहरीला पानी पीने से 8 लोगों की मौत की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग कर चुका है. इंदौर के विभिन्न अस्पतालों में अभी भी 160 से ज्यादा लोग इलाज करा रहे हैं. इनमें से 35 लोगों की हालत अभी भी गंभीर है. दूषित पानी से लोगों के बीमार होने व मौतों से मचे हड़कंप के बाद भागीरथपुरा में स्वास्थ्य विभाग की टीमें डेरा डाले हुए हैं.
पेयजल की पाइपलाइन को बदलने का काम किया जा रहा है. पूरे इलाके में लोगों में दहशत फैली है. गुरुवार को प्रभावित इलाके का दौरा करने पहुंचे स्थानीय विधायक व नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को लोगों का गुस्सा झेलना पड़ा.
इंदौर के भागीरथपुरा में मौतों के बाद मातम है. हर घर में उल्टी-दस्त के मरीज अभी भी निकल रहे हैं. सरकार की ओर से भले ही यहां अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई हो लेकिन इलाके के लोगों का कहना है कि कुल 14 लोग 10 दिन के अंदर मौत का शिकार हो चुके हैं. कई मरीज अभी अस्पताल में गंभीर हालत में हैं.
सरकार ने भले ही फ्री इलाज करने की घोषणा की हो लेकिन मरीजों को निजी अस्पतालों से जबरन डिस्चार्ज किया जा रहा है. इसके अलावा प्रभावित लोगों का आरोप है कि निजी अस्पतालों ने उनसे इलाज की राशि वसूली और जबरन डिस्चार्ज कर दिया.
गुरुवार को भागीरथपुरा की गलियों में अफसरों व समर्थकों के साथ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पहुंचे. इस दौरान गलियों में दो पहिया से दौरा करने के दौरान विजयवर्गीय को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा. महिलाओं ने विजयवर्गीय को रोककर दूषित पानी के बारे में जानकारी दी. महिलाओं के आक्रोश को देखते हुए विजयवर्गीय आगे बढ़ते रहे.
गलियों में घूम रहे मंत्री विजयवर्गीय को लोगों ने कई जगह पर रोका और बताया “कई दिनों से दूषित पानी की शिकायत की जा रही है लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की.” इस दौरान पीड़ित परिजनों ने ये भी बताया कि निजी अस्पतालों में उनके मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा.”
इस दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सरकार द्वारा मृतकों के परिजनों को घोषित दो-दो लाख रुपये के चेक 7 मृतकों के परिवारों को दिए. लेकिन विजयवर्गीय उस समय असहज हो गए जब पीड़ित परिजनों ने कहा “हमें आपका चेक नहीं चाहिए. ये बताइए कि इन मौतों का जिम्मेदार कौन है. क्या दो लाख का चेक लेने से हमारे घर से हमेशा के लिए गया इंसान वापस आ जाएगा.” इसके बाद महिलाओं ने गुस्से भरे अंदाज में चेक लेने से मना कर दिया.










