पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अभी कुछ महीनों का वक्त बाकी है, लेकिन भाजपा अभी से ऐक्टिव हो गई है। यहां तक कि ज्यादातर बड़े राज्यों में चुनाव की कमान संभालने वाले अमित शाह ने खुद यहां की कमान संभाल ली है। इस बीच बुधवार को अमित शाह ने कोलकाता में तमाम भाजपा नेताओं के साथ बैठक की। यह मीटिंग कोलकाता के साल्ट लेक होटल में हुई। इसमें नेता विपक्ष शुभेंदु अधिकारी और प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य मौजूद थे।
इस मीटिंग में दिलीप घोष की मौजदूगी ने सभी को चौंकाया। उनसे खुद अमित शाह ने मुलाकात की और कई मुद्दों पर बात की है। उनकी मौजूदगी इसलिए चर्चाएं बटोर रही है क्योंकि कुछ समय पहले तक ऐसी चर्चाएं रही हैं कि वह भाजपा से नाराज चल रहे हैं। वह ममता बनर्जी के साथ एक कार्यक्रम में भी नजर आए थे, जब सीएम भगवान जन्नाथ के एक मंदिर का लोकार्पण करने पहुंची थीं। चर्चा यहां तक थी कि वह टीएमसी में जा सकते हैं। लेकिन अब चीजें बदल गई हैं। भाजपा की कोशिश है कि दिलीप घोष को साध लिया जाए। 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें अहम भूमिका देकर फ्रंट पर लाया जा सकता है।
इस बैठक में बंगाल के सभी पार्टी सांसदों, विधायकों को बुलाया गया था। यही नहीं कई नगर निगमों के नेता भी मौके पर थे। संगठन के भी कुछ प्रभावशाली लोगों को इसका न्योता दिया गया था। इस मीटिंग में ज्यादातर उन नेताओं को ही बुलाया गया, जिन्हें विधानसभा चुनाव का टिकट मिल सकता है। इसके अलावा कुछ ऐसे सीनियर नेता भी बुलाए गए, जिन्हें चुनाव में प्रचार की जिम्मेदारी मिल सकती है। दरअसल दिलीप घोष का यहां पहुंचना कई नेताओं को हैरान करने वाला रहा। उन्हें बंगाल भाजपा के सबसे कामयाब प्रदेश अध्यक्षों में शुमार किया जाता है।
अमित शाह ने साफ संकेत दिया कि वह भाजपा में एकजुटता चाहते हैं और ऐसे सभी नेताओं को एक मंच पर लाना चाहते हैं, जो पार्टी में एक बड़ा कद रखते हैं।
अमित शाह लगातार राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर हमला साध रहे हैं.उन्होंने कहा कि ममता सरकार बांग्लादेश के साथ बॉर्डर पर फेंसिंग लगाने के लिए जमीन नहीं दे रही है. ममता बनर्जी इसका जवाब नहीं तक नहीं दे रही हैं. इसका खामियाजा उनको भुगतना पड़ेगा.










