नूंहः जिले के नई तिरवाड़ा गांव में तीन दिवसीय इस्लामिक जलसे का समापन हो गया. मुल्क में अमन-शांति के साथ तरक्की की दुआओं के साथ जलसा संपन्न हो गया. जलसे में हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली सहित कई राज्यों के तकरीबन 7 लाख लोगों ने भाग लिया. जलसे के समापन के बाद जब लोग अपने घरों को लौटे तो करीब 15 किलोमीटर तक चारों तरफ लंबा जाम लग गया.
एकता की मिसाल बना इस्लामिक जलसा: तीन दिवसीय इस जलसे की सबसे बड़ी खासियत ये रही कि हिंदू समाज के लोगों की वेज बिरयानी और मोहब्बत की चाय ने खूब सुर्खियां बटोरी. इसके अलावा हिंदू समाज के लोगों ने स्वास्थ्य कैंप भी जलसे में लगाए थे.
‘लाखों की भीड़ उमड़ी’: कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने कहा कि “लाखों की तादाद में भीड़ उमड़ी है.” आफताब अहमद ने कहा कि “हजरत मौलाना साद साहब ने लोगों को नेक रास्ते पर चलने और तबलीगी जमात को बढ़ावा देने के साथ – साथ अपने बच्चों की तालीम पर फोकस करने का संदेश दिया है.” कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने कहा कि “भीड़ अधिक थी. कई घंटे तक लोग जाम में फंसे रहे. आफ़ताब अहमद ने कहा कि “जलसे में हिंदू-मुस्लिम एकता की तस्वीरें भी देखने को मिली.”
जलसे के दौरान मोबाइल के बढ़ते चलन पर रोक लगाने और बच्चों को बेहतर तालीम दिलाने पर खास फोकस किया गया. हजरत मौलाना साद साहब ने अपने बयानों में साफ तौर पर कहा कि “बुराइयों को पूरी तरह से त्याग कर अच्छाई के रास्ते पर चलना है. तबलीगी जमातों पर फोकस करना है ताकि इस्लाम धर्म का प्रचार तेजी से हो सके. लोगों को नमाज और जमात पर ध्यान देना चाहिए”. तब्लीगी जमात प्रमुख मौलाना हजरत साद ने कहा कि “तेजी से बुराइयां बढ़ रही हैं. लोगों को नमाज पढ़ने की दावत देनी चाहिए ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा तबलीगी जमात से जुड़ सकें.”
इसके अलावा मुल्क की सलामती के लिए दुआए मांगी गयी।देश में अमन और शांति बनी रहे इसके लिए सभी मज़हब के लोगों को मिलकर कोशिश करनी चाहिए।










