नई दिल्लीः बिहार विधानसभा चुनाव से पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर लगातार केंद्र सरकार को घेर रहे हैं. मंगलवार को उन्होंने बेरोजगारी में वृद्धि के मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा. कांग्रेस नेता ने युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी की समस्या को दूर करने में विफल रहने के लिए मोदी सरकार की आलोचना की. इसे वोट धोखाधड़ी और वोट चोरी से भी जोड़ा.
सोशल मीडिया एक्स पर उन्होंने लिखा, “भारत में युवाओं की सबसे बड़ी समस्या बेरोज़गारी है, और इसका सीधा रिश्ता वोट चोरी से है. जब कोई सरकार जनता का विश्वास जीतकर सत्ता में आती है, तो उसका पहला कर्तव्य होता है युवाओं को रोज़गार और अवसर देना. लेकिन BJP चुनाव ईमानदारी से नहीं जीतती- वो वोट चोरी और संस्थाओं को कैद कर के सत्ता में बने रहते हैं. इसीलिए बेरोजगारी 45 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है.”
राहुल ने पोस्ट में लिखा- “देश का युवा मेहनत करता है, सपने देखता है और अपने भविष्य के लिए संघर्ष करता है. लेकिन मोदी जी सिर्फ अपनी PR, सेलिब्रिटीज़ से अपना गुणगान करवाने और अरबपतियों के मुनाफे में व्यस्त हैं. युवाओं की उम्मीदों को तोड़ना और उन्हें हताश करना इस सरकार की पहचान बन चुकी है.”
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में पेपर लीक का मुद्दा भी उठाया. आरोप लगाया कि कैसे भर्ती प्रक्रियां ध्वस्त हो रही हैं. उन्होंने पोस्ट में लिखा कि हर परीक्षा पेपर लीक और हर भर्ती भ्रष्टाचार की कहानियों से जुड़ी रहती है. उन्होंने दावा किया कि नौकरियां घट रही हैं, भर्ती प्रक्रियाएं ध्वस्त हो गई हैं. युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है.
राहुल गांधी ने पोस्ट के अंत में उम्मीद जताते हुए लिखा- “अब हालात बदल रहे हैं. भारत का युवा समझ चुका है कि असली लड़ाई सिर्फ नौकरियों की नहीं, बल्कि वोट चोरी के खिलाफ है. क्योंकि जब तक चुनाव चोरी होते रहेंगे, तब तक बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार भी बढ़ते रहेंगे. अब युवा न नौकरी की लूट सहेंगे, न वोट की चोरी. भारत को बेरोजगारी और वोट चोरी से मुक्त करना ही अब सबसे बड़ी देशभक्ति है.”










