देहरादून: लगातार हो रही भारी बारिश के चलते राजधानी देहरादून और आसपास के इलाकों के हालात बेहद खराब हो गए हैं. देहरादून शहर में कारलीगाढ़ सहस्त्रधारा में रात्रि के समय अत्यधिक बारिश होने की सूचना पर जिला प्रशासन ने रेस्क्यू एंड रिलीफ ऑपरेशन शुरू किया.
जिला प्रशासन ने आसपास के लोगों को रात में ही सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करवाया. घटना की सूचना मिलते ही डीएम सविन बंसल ने कमान संभालते हुए रात ही विभागों से समन्वय कर मौके पर रेस्क्यू टीमें भी भेजीं. एसडीआरएफ, एनडीआरफ, लोनिवि द्वारा जेसीबी उपकरण सहित रेस्क्यू ऑपरेशन फिलहाल जारी है.

घटना में कुछ दुकानें बह गई हैं. हालांकि, जानमाल की कोई क्षति नहीं हुई है. दो लोग मिसिंग बताये जा रहे हैं जिनकी खोजबीन जारी है. आपदा के दृष्टिगत जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है. आईआरएस सिस्टम से जुड़े विभाग सक्रिय मोड में हैं.
वहीं, मौसम विभाग के मुताबिक, आज उत्तरकाशी, चमोली, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा के साथ तीव्र से बहुत तीव्र वर्षा और मध्यम गरज के साथ तूफान आने की संभावना है. मसूरी, डोईवाला, ऋषिकेश, लैंसडाउन, बदरीनाथ, देवप्रयाग, कर्णप्रयाग, गोविंदघाट और इनके आस पास के क्षेत्रो को भी सर्तक रहने की आवश्यकता है.

सहस्त्रधारा के साथ-साथ डोईवाला में भी बारिश से हालात बिगड़े है. जाखन नदी रौद्र रुप में बह रही है. रानीपोखरी और माजरी ग्रांट में नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है. इसके सोंग व सुसवा नदी से भी बाढ़ जैसे हालत बने हुए है. वहीं देहरादून के प्रेमनगर स्थित देवभूमि कॉलेज, उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के पास भी भारी वर्षा के कारण जलभराव हुआ है.प्रेमनगर के पास नंदा की चौकी पर राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा टूट गया इसलिए वहां पर SDRF की टीम को भेजा गया है. तीन लोग पानी में फंस गए थे, जिन्हें रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया.

कुछ इसी तरह के हालात देहरादून में टपकेश्वर मंदिर के भी बने हुए है. टपकेश्वर मंदिर के नीचे से बहने वाली तमसा नदी भी रौद रुद्र में दिख रही है. बताया जा रहा है कि पानी मंदिर की सीढ़ियों तक पहुंच गया है. देहरादून के अलावा टिहरी जिले में बारिश से काफी नुकसान हुआ है. यहां भी भारी बारिश के बाद आपदा जैसे हालत बन गए है.










