नेशनल हेराल्ड मामला: सोनिया- राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मामले में कोर्ट ने ED से दो दस्तावेजों पर स्पष्टीकरण मांगा

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नई दिल्ली: दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को नेशनल हेराल्ड से जुड़े मामले में ईडी की शिकायत पर संज्ञान लेने के मामले पर ईडी से दो दस्तावेजों पर स्पष्टीकरण मांगा है. स्पेशल जज विशाल गोगने ने कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों का निरीक्षण करते हुए ईडी से स्पष्टीकरण मांगा. अब इस मामले की अगली सुनवाई 6 सितंबर 2025 को होगी.

दरअसल, गुरुवार को कोर्ट ने इन कैमरा सुनवाई करते हुए दस्तावेजों का निरीक्षण किया. कोर्ट ने उन दो दस्तावेजों के बारे में ईडी से पूछा जो अभियोजन की शिकायत में दाखिल नहीं किए गए हैं. कोर्ट ने सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से 4 जुलाई 2014 को ईडी के पास दर्ज कराई गयी शिकायत की प्रति और 30 जून 2021 के एक दस्तावेज के बारे में पूछताछ की. तब ईडी की ओर से पेश एएसजी एसवी राजू ने कहा कि वो ये दोनों दस्तावेज कोर्ट में दाखिल कर देंगे, उसके बाद कोर्ट ने सुनवाई 6 सितंबर तक के लिए टाल दिया.

इससे पहले कोर्ट ने 18 अगस्त को ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर शिव कुमार गुप्ता की मौजूदगी में दस्तावेजों का परीक्षण किया था. वहीं, 7 अगस्त को कोर्ट ने जांच अधिकारी से पूछा था कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी का इस मामले से क्या लेना-देना है. इससे पहले कोर्ट ने 14 जुलाई को फैसला सुरक्षित रख लिया था. मामले में सुनवाई के दौरान ईडी ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी को जिन लोगों ने दान दिया उनके साथ धोखाधड़ी की गई. कुछ दानदाताओं को टिकट भी दिए गए. राजू ने गांधी परिवार की उस दलील का विरोध किया कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) पर उनका कोई नियंत्रण नहीं था. उन्होंने कहा कि एजेएल ही मूल रुप से नेशनल हेराल्ड की प्रकाशक थी.

ED ने पूरी की दलीलें: ईडी की ओर से 3 जुलाई को दलीलें पूरी कर ली गयी थी. ईडी की ओर से पेश एएसजी एसवी राजू ने कहा था कि यंग इंडियन दो हजार करोड़ रुपये की आपराधिक आय प्राप्त करने का एक साधन था और यह मनी लांड्रिंग का एक क्लासिक मामला है. राजू ने कहा था कि शेयरहोल्डिंग सिर्फ नाम के लिए है और अन्य आरोपी गांधी परिवार की कठपुतली है.

ED ने गांधी परिवार पर लगाए गंभीर आरोप: ईडी ने कहा था कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी कांग्रेस को नियंत्रित करते हैं, उनका उद्देश्य 92 करोड़ प्राप्त करना नहीं था, बल्कि उनका उद्देश्य दो हजार करोड़ रुपये प्राप्त करना था. ईडी ने कहा था सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने दो हजार करोड़ की संपत्ति के लिए मात्र 50 लाख रुपये ही दिए. ईडी ने कहा था कि एसोसिएटेड जनरल्स लिमिटेड का स्वामित्व लेने के बाद गांधी परिवार के नियंत्रण वाली यंग इंडियन लिमिटेड ने घोषणा की कि वो नेशनल हेराल्ड अखबार का प्रकाशन नहीं करेगा.

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Author: News 7

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