RBI के पूर्व गवर्नर को मोदी सरकार ने IMF में दिया बड़ा पद, तीन साल का होगा कार्यकाल

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर डॉ. उर्जित पटेल को अंतरराष्ट्रीय मॉनिटरी फंड में कार्यकारी निदेशक के तौर पर नियुक्त किया है. उनका कार्यकाल तीन वर्षों का होगा.

इससे पहले उर्जित पटेल 2016 में केंद्रीय बैंक के गवर्नर बने थे. उन्होंने रघुराम राजन के बाद यह पद संभाला था. जानकारी के मुताबिक नोटबंदी इन्हीं के कार्यकाल के दौरान हुई थी. दो साल तक पद पर बने रहने के बाद सन 2018 में निजी कारणों का हवाला देते हुए इन्होंने इस्तीफा दे दिया था. इनका कार्यकाल सबसे कम दिनों का रहा.

बता दें, मोदी सरकार ने उर्जित पटेल की रिपोर्ट के आधार पर ही नोटबंदी का फैसला लिया था. नोटबंदी के साथ ही साथ इनके टर्म में एक और बड़ा फैसला लिया गया था. वह था भारतीय रिजर्व बैंक की महंगाई दर की लिमिट. इसका मतलब इन्होंने एक रिपोर्ट को पेश किया था, जिसमें कहा गया था कि महंगाई 4 फीसदी की सीमा के नीचे ही रहनी चाहिए या रखना चाहिए. जिसके बाद महंगाई दर के लक्ष्य को निर्धारित किया गया था। 

उर्जित पटेल भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर भी रह चुके हैं. इस दौरान पटेल को मौद्रिक नीति. आर्थिक नीति अनुसंधान समेत कई मुद्दों का जिम्मा मिला था. केन्या में जन्मे उर्जित पटेल आईएमएफ में पांच साल तक काम कर चुके हैं. पटेल ने येल यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में पीएचडी, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से एम. फिल. और लंदन विश्वविद्यालय से बीएससी की डिग्री हासिल की है.भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर पद से इस्तीफा देने के बाद उर्जित पटेल को राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान का चेयरमैन नियुक्त किया गया था.

 

News 7
Author: News 7

Leave a Comment

और पढ़ें

Orpheus Financial