नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। रसुवा जिले में आई भीषण बाढ़ ने तबाही मचाई है। इस बाढ़ में कम से कम 400 तीर्थयात्री भी लापता हो गए हैं, जिनमें से 100 से अधिक भारतीय हैं। सबसे ज्यादा तबाही भोटेकोशी नदी के किनारे बसे इलाकों में हुई है। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने आपातकालीन बैठक बुलाई है और राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के आदेश दिए हैं।
तिब्बत से नेपाल में प्रवेश करने वाली कोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से तटीय इलाकों के बाजार और कई जलविद्युत परियोजनाएं जलमग्न और क्षतिग्रस्त हो गई हैं। नेपाल के विदेश मंत्री ने कहा है कि शुरुआती रिपोर्ट में पता चला है कि चीन से सटे इलाके में एक भूकंप की वजह से हिमस्खलन हुआ और फिर उससे भोटे कोशी बेसिन में अचानक भयानक बाढ़ आ गई।
नेपाल सरकार ने कहा है कि अचानक आई बाढ़ की वजह से कैलाश मानसरोवर जाने के लिए निकले 400 यात्री लापता हैं। इस बाढ़ से कई गांव बह गए हैं। इस बीच नेपाल सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में जा रहे पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
नेपाल के प्रधानमंत्री ने कहा कि बचाव और राहत टीमों के साथ-साथ पुलिस और सेना को भी मदद के काम में लगाया गया है। उन्होंने कहा, “निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने के निर्देश दिए गए हैं।” सरकार ने अपने बयान में कहा, “नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे ज्यादा सावधानी बरतें और सतर्क रहें।”
नेपाल में आई तबाही पर पीएम नरेंद्र मोदी ने नेपाल प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बात की है और हर संभव मदद का भरोसा दिया है। पीएम मोदी ने नेपाल में बाढ़ से हुई जानमाल के नुकसान पर दुख जताया।









