लोकसभा में पास होने के बाद राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल पेश, मल्लिकार्जुन खड़गे बोले- छात्रों का गुस्सा ठंडा करने के लिए लाया गया बिल, पीएम और गृहमंत्री की चुप्पी पर भी उठाए सवाल

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नई दिल्ली: लोकसभा में पास होने के बाद आज गुरुवार को एंटी पेपर लीक राज्यसभा में पेश किया गया। इसपर चर्चा के दौरान सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि  छात्रों के गुस्से को ठंडा करने के लिए यह बिल लाया गया है।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि ” इस नए बिल से कुछ नहीं होने वाला है क्योंकि पुराने कानून में बस कुछ डेटा ही बदला गया है। भारी-भरकम जुर्माना, कड़ी सजा, स्पेशल टास्क फोर्स और फास्ट-ट्रैक कोर्ट जैसे प्रावधान तो किए गए हैं, लेकिन इससे कुछ नहीं बदलेगा।” असली परिवर्तन तभी आएगा जब एग्जाम कराने के तरीके में बदलाव किया जाएगा। इस बिल में कुछ भी नया नहीं है।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को इस पूरे मामले पर सदन में आकर बयान देना चाहिए। मैं सवाल पूछता हूं कि लाठी-डंडे और पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया। छात्रों को रोकने के लिए सरकार ने मेट्रो स्टेशन को बंद किया। बिहार में AK-47 का इस्तेमाल हुआ। छात्रों पर पुलिस ने बर्बरता की। गृहमंत्री को इस मुद्दे पर खुलकर बोलना चाहिए।

उन्होंने पूछा कि जब इस बिल में यही नहीं बताया गया है कि असल में ‘पेपर लीक’ कैसे रोका जाएगा, तो फिर इस अधूरे बिल का क्या मतलब? मल्लिकार्जुन खड़गे ने शिक्षामंत्री के पद से इस्तीके के बाद धर्मेंद्र प्रधान के संसद में स्वागत को लेकर भी सवाल पूछा और कहा कि इसकी क्या जरूरत थी।

खड़गे ने कहा कि यह युवाओं और छात्रों के संघर्ष की ही ताकत है कि आखिरकार सरकार को उनके सामने झुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार ने खुद अपनी विफलता छिपाने और अपनी कुर्सी बचाने के लिए इस बिल को जल्दबाजी में पेश किया है।

 

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Author: News 7

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