नई दिल्ली: लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल ध्वनि मत से पारित हो गया है। इसके बाद भारी हंगामे और लंबी बहस के बीच सदन की कार्यवाही को गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस नए संशोधन विधेयक में पेपर लीक के दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का कड़ा प्रावधान शामिल है।
लोकसभा से मंजूरी मिलने के बाद अब इस विधेयक को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने इस चर्चा में भाग लिया और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा।
लोकसभा में बिल पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि एंटी-पेपर लीक संशोधन बिल दिखाता है कि सरकार अनुभव से सीखने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक मामले में सरकार ने तेजी से कार्रवाई की।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने चर्चा का जवाब देते हुए सबसे पहले राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया। उनके पास सार्वजनिक जीवन के अनुभव की कमी है। जितेंद्र सिंह ने कहा, “जब इतने अहम बिल पर चर्चा हो रही हो, तो सुझाव देने के बजाय इस पर राजनीति की जा रही है। विपक्ष के नेता ने जिस असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया, वह हैरान करने वाली है।
बिल पास होने के बाद राहुल गांधी का रिएक्शन सामने आया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘आज संसद में मेरे भाषण के दौरान मैंने दिल्ली में छात्रों पर हुई बर्बरता का मुद्दा उठाया और इसके जिम्मेदार का नाम लिया- गृह मंत्री अमित शाह। मुझे बीजेपी ने बोलने नहीं दिया।आज मैं वो सब कहूंगा जो सदन में कहने नहीं दिया गया।मेरा माइक बंद कर सकते हैं, लेकिन छात्रों की गूंज नहीं।
इसी मुद्दे को लेकर आज शाम 6 बजे राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस होने जा रही है जिसमें वो सब बातें रखेंगे। उन्होंने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा और वो सब कहूंगा जो सदन में कहने नहीं दिया गया।









