भोपाल में गरजे मौलाना महमूद मदनी, कहा- “जहां जुल्म होगा, वहां जिहाद होगा”, सुप्रीम कोर्ट पर भी उठाए सवाल

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

भोपाल में  जमीयत उलेमा-ए-हिंद की नेशनल गवर्निंग बॉडी मीटिंग में इस्लामी विद्वान मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि  इस्लाम और मुसलमानों के दुश्मनों ने जिहाद जैसी इस्लाम की पवित्र अवधारणा को दुर्व्यवहार, अव्यवस्था और हिंसा से जुड़े शब्दों में बदल दिया है। लफ्ज़ जिहाद को गाली का हमनाम बना दिया गया है मज़हब की तौहीन की जा रही है ।

‘लव जिहाद’, ‘भूमि जिहाद’, ‘शिक्षा जिहाद’ और ‘थूक जिहाद’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करके मुसलमानों को गहरी ठेस पहुचाई गई है। इससे धर्म का अपमान होता है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार और मीडिया में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग भी ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करने में कोई शर्म महसूस नहीं करते है।

मदनी ने कहा, “मैं ये साफ कर देना चाहता हूं कि भारत जैसे सेक्युलर देश में जहां जम्हूरी हुकूमत है, वहां जिहाद मौजूए बहस ही नहीं है। यहां मुसलमान संविधान की वफादारी के पाबंद हैं। यहां सरकार की जिम्मेदारी है कि वह संविधान के मुताबिक नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करें और अगर वह ऐसा नहीं करती तो इसके लिए वह खुद जिम्मेदार है।”

मदनी ने कहा, “इस समय देश में 10% लोग ऐसे हैं जो मुसलमानों के फेवर में हैं। 30 फीसदी ऐसे हैं, जो मुसलमानों के खिलाफ हैं और 60% लोग ऐसे हैं जो खामोश हैं। मुसलमान को चाहिए कि जो 60% खामोश लोग हैं, उनसे बात करें। अपनी बातों को उनके सामने रखें। अपनी चीजों को उन्हें समझाएं। अगर यह 60% लोग मुसलमान के खिलाफ हुए तो फिर देश में बड़ा खतरा पैदा हो जाएगा।”

News 7
Author: News 7

Leave a Comment

और पढ़ें

Orpheus Financial