चंडीगढ़ः नगर निगम चंडीगढ़ की बैठक का पहली बार लाइव टेलीकास्ट किया गया. लाइव बैठक के दौरान कई पार्षद अपनी-अपनी सीट छोड़कर आसन के सामने आ गए और हंगामा करने लगे. देखते ही देखते दूसरे गुट के कई पार्षद वहां पहुंच गए और एक दूसरे के साथ हाथापाई करते दिखे. निगम क्षेत्र में विकास योजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन के लिए लगाए जाने वाले नींव पत्थर पर मेयर, डिप्टी मेयर और पार्षदों का नाम नहीं होने के मुद्दे पर हंगामा शुरू हुआ.
दरअसल नींव पत्थर की प्लेट पर नाम लिखने के विवाद पर बैठक में उस समय हंगामा हो गया जब कांग्रेस और बीजेपी पार्षद आपस में भिड़ गए. नींव पत्थर की प्लेट पर नाम लिखने को लेकर शुरू हुई बातचीत पार्षदों के हाथा पाई तक पहुंच गई है. भाजपा की पार्षद गुरबख्श रावत की तरफ से यह मुद्दा उठाया गया था कि नींव पत्थर की प्लेट पर पार्षद, मेयर, डिप्टी मेयर का नाम नहीं लिखा जा रहा है. उनकी तरफ से उनके वार्ड में पोल लगाने की प्लेट पर उनका नाम नहीं होने और समागम में उन्हें नहीं बुलाए जाने का मुद्दा उठाया गया था.
सौरव जोशी और सचिन गालिब के बीच हुआ था हंगामाः बीजेपी पार्षद सौरव जोशी और कांग्रेस के पार्षद सचिन गालिब के बीच हाथापाई हुई. यह घटना तब हुई जब बीजेपी की पार्षद गुरबख्श रावत ने बैतूल में नींव पत्थर का मुद्दा उठाया. इसके बाद दोनों पार्टियों के सदस्यों में तीखी नोकझोंक हो गई और मामला हाथा पाई तक पहुंच गई. ये पहली बार नहीं है, जब चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक में हंगामा हुआ हो. इससे पहले भी अनिल मसीह को वोट चोर कहने पर पार्षदों के बीच हाथापाई हो चुकी है. अनिल मसीह के सदन में पहुंचने के बाद कांग्रेस और आप पार्टी के पार्षद नारेबाजी करने लगे थे. इसके बाद अनिल मसीह ने कहा था कि राहुल गांधी भी जमानत पर बाहर हैं.
पहले भी हो चुका है हंगामाः अब नींव पत्थर की प्लेट पर नाम लिखने को लेकर हुए हंगामे के बाद दोनों पार्टियों के बीच तनाव बढ़ गया है. देखना यह है कि आगे इस मुद्दे पर क्या होता है और दोनों पार्टियों के नेता इस पर क्या बयान देते हैं. हालांकि, चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक में हंगामे की यह पहली घटना नहीं है, लेकिन यह दिखाता है कि पार्षदों के बीच मतभेद कितने गहरे हैं और यह भविष्य में और भी समस्याएं पैदा कर सकता है.










