कोलकाता: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सबसे भरोसेमंद सहयोगी अमित शाह से सावधान रहने की सलाह दी है. ममता बनर्जी बुधवार को उत्तर बंगाल से लौटने के बाद कोलकाता हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात कर रहीं थीं.
मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश शासन के दौरान बंगाल को धोखा देने वाले ऐतिहासिक व्यक्ति का जिक्र करते हुए कहा, “मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है, लेकिन मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहूंगी- अमित शाह से सावधान रहें. हर चीज़ के लिए उन पर निर्भर न रहें. वह सबसे बड़े मीर ज़ाफर हैं.” उनके इस बयान ने दिल्ली और कोलकाता दोनों जगह राजनीतिक बवाल मचा दिया.
उनकी यह टिप्पणी चुनाव आयोग के एक हालिया निर्देश की पृष्ठभूमि में आई है. आयोग ने आदेश दिया है कि चुनावी शिकायतों से संबंधित सभी प्राथमिकी 15 दिनों के भीतर दर्ज की जानी चाहिए. इस निर्णय की आलोचना करते हुए, ममता बनर्जी ने सवाल किया, “क्या चुनाव आयोग अब भाजपा के निर्देशों के तहत काम कर रहा है? क्या यह अमित शाह के आदेश पर काम कर रहा है?” उन्होंने तीखे स्वर में कहा, “ऐसा लगता है कि दिल्ली में सब कुछ अमित शाह द्वारा चलाया जा रहा है. ऐसा लगता है कि वह भारत के कार्यवाहक प्रधानमंत्री हैं.”
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा सांसद खगेन मुर्मू और पार्टी विधायक शंकर घोष पर हुए हमले के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है. मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा, “वह जगह (नागराकाटा) भाजपा का गढ़ है. लोग बाढ़ और सांप्रदायिक घटनाओं से नाराज हैं. चुनाव जीतने के बाद से वे वहां नहीं गए हैं. वे उस दिन अचानक वहां चले गए. क्या यह मेरी गलती है?”










