श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि अगर केंद्र सरकार श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग को फिर से खोलने में असमर्थ है तो उसे इस राष्ट्रीय राजमार्ग का नियंत्रण निर्वाचित सरकार को सौंप देना चाहिए क्योंकि लंबे समय तक बंद रहने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं.

उमर ने श्रीनगर में पत्रकारों से कहा, “हाईवे बंद होने से ट्रक चालक काफी परेशान हैं, और व्यापारी समूह परेशान हैं.अगर हाईवे मेरे अधीन होता, तो मैं इसे अब तक खोल चुका होता. यह राजमार्ग भारत सरकार के अधीन है. अगर वे इसका प्रबंधन नहीं कर सकते, तो इसे हमें सौंप दें.”
250 किलोमीटर लंबा यह राजमार्ग, जो घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है, भूस्खलन और खराब रखरखाव के कारण बार-बार बंद हो रहा है, जिससे फलों की खेप और आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही बाधित हो रही है.
उमर ने कहा कि इस स्थिति के कारण क्षेत्र के कुछ व्यापार संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है तथा उनके इस्तीफे की मांग की है.
पिछले महीने से राजमार्ग बंद है, जिसकी वजह से सामान और आवश्यक वस्तुओं से लदे सैकड़ों ट्रक फंसे हुए हैं. इसके परिणामस्वरूप पेट्रोल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में कमी आई है.
अब्दुल्ला ने कहा, “उनकी सरकार ने धैर्य रखा है, लेकिन चेतावनी दी कि यह स्थिति अब और नहीं चल सकती. उन्होंने कहा कि, मैं इंजीनियरों की एक टीम भेजकर उन्हें वहां तैनात करूंगा. हमारे लिए, अब बहुत हो गया. क्योंकि रोज़ाना वे हमसे कहते थे, आज होगा, आज होगा, आज होगा. लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है.”
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह केंद्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से बात कर सड़क को तुरंत बहाल करने और ट्रकों की आवाजाही के लिए पुनः खोलने के लिए दबाव डालेंगे.










