₹1500 करोड़ की योजना को मंजूरी, ई-वेस्ट से निकाले जाएंगे कीमती खनिज, 70 हजार रोजगार के अवसर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कई अहम फैसलों पर केंद्रीय कैबिनेट ने मुहर लगाई है। जिसमें मंत्रिमंडल ने देश में महत्वपूर्ण खनिजों के रिसायक्लिंग को बढ़ावा देने के लिए 1,500 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है, यह योजना वित्त वर्ष 2025-26 से वित्त वर्ष 2030-31 तक छह वर्षों की अवधि के लिए लागू रहेगी।

70 हजार नौकरियां सृजित होने की उम्मीद
यह महत्वपूर्ण खनिजों के निष्कर्षण के लिए बैटरी अपशिष्ट और ई-कचरे को रिसायकल करने की क्षमता के विकास को प्रोत्साहित करता है। यह योजना नई इकाइयों में निवेश के साथ-साथ मौजूदा इकाइयों के विस्तार, आधुनिकीकरण या विविधीकरण पर भी लागू होगी। प्रति इकाई कुल प्रोत्साहन (कैपेक्स प्लस ओपेक्स सब्सिडी) बड़ी इकाइयों के लिए 50 करोड़ रुपये और छोटी इकाइयों के लिए 25 करोड़ रुपये की समग्र सीमा के अधीन होगा। इस योजना से लगभग 8,000 करोड़ रुपये का निवेश आने तथा लगभग 70,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष नौकरियां सृजित होने की उम्मीद है।

योजना के तहत मिलने वाले फायदे
इस योजना के तहत दो तरह की सब्सिडी मिलेगी। जिसमें पहली कैपेक्स सब्सिडी है, इसके तहत प्लांट और मशीनरी लगाने के लिए 20% सब्सिडी मिलेगी।  समय पर उत्पादन शुरू करने वालों को पूरी सब्सिडी, जबकि देरी होने पर कम सब्सिडी दी जाएगी। दूसरी ओपेक्स सब्सिडी है, जिसके तहत बेस ईयर (2025-26) के मुकाबले बढ़ी हुई बिक्री पर इनाम मिलेगा और 2026-27 से 2030-31 तक पहले चरण में 40%, और पांचवें साल तक 60% सब्सिडी मिलेगी।

इस योजना के तहत कुछ सीमाएं तय की गई है। जिसमें बड़े उद्योगों के लिए कुल सब्सिडी ₹50 करोड़ तक, छोटे उद्योगों और स्टार्टअप्स के लिए ₹25 करोड़ तक हैं।  इसमें ओपेक्स सब्सिडी की सीमा क्रमशः ₹10 करोड़ और ₹5 करोड़ तय की गई है

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Author: News 7

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