नई दिल्ली: चुनावी राज्य बिहार में राहुल गांधी की ‘वोट चोरी’ यात्रा से उत्साहित कांग्रेस के नेता अब ओडिशा में भी इसी तरह की यात्रा निकालकर सबसे पुरानी पार्टी को पुनर्जीवित करना चाहते हैं.
ओडिशा में यह यात्रा नवंबर-दिसंबर में होने की संभावना है और इसे बिहार की तर्ज पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें पैदल यात्रा, जीप की सवारी और छोटी जनसभाएं शामिल होंगी. यात्रा के बारे में पूछे जाने पर ओडिशा के एआईसीसी प्रभारी अजय कुमार ने कहा, “सही समय पर सब कुछ होगा. बस इंतजार कीजिए.”
बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए 122 सीटों की जरूरत होती है. अजय कुमार ने कहा, “यात्रा बहुत सफल रही है. इससे कांग्रेस को लाभ होगा. इंडिया ब्लॉक को भी फायदा होगा और बिहार में हमें भारी बहुमत मिलेगा.”
ओडिशा में बीजू जनता दल (BJD) के सत्ता में रहने के दौरान कांग्रेस हाशिये पर रही है, लेकिन 2024 के विधानसभा चुनावों के बाद से, जिसमें भाजपा सत्ता में आई और बीजेडी का कद कम होने लगा है. ऐसे में पुरानी पार्टी ने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है. तदनुसार वोटों की चोरी, महिलाओं के खिलाफ अपराध, भ्रष्टाचार और ओडिशा में राहुल गांधी की प्रस्तावित यात्रा के प्रमुख मुद्दे होंगे.
इस मौके पर स्टेट यूनिट के प्रमुख भक्त चरण दास ने कहा, “BJP ने ओडिशा में लोगों के वोट चुराकर जीत हासिल की है. पिछले साल के विधानसभा चुनावों में शाम को रहस्यमय तरीके से 42 लाख वोट डाले गए थे. हम दिन-दहाड़े जनादेश की इस लूट की इजाजत नहीं देंगे. आने वाले दिनों में भाजपा और चुनाव आयोग की वोट चोरी का पर्दाफ़ाश हो जाएगा.”
राहुल की योजनाओं के अनुरूप कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने कई अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है जो अगले दो महीनों में ओडिशा में नियुक्त किए जाने वाले डिस्ट्रिक्ट यूनिट प्रमुखों के नाम सुझाएंगे.
हाल ही में राहुल गांधी ने राज्य के वरिष्ठ नेताओं के साथ ओडिशा की स्थिति की समीक्षा की और उन्हें बताया कि भले ही राज्य में कांग्रेस के विकास के अवसर हैं, लेकिन इसके लिए कड़ी मेहनत करने की जरूरत है.










