रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, RBI की MPC बैठक में फैसला, 5.5 फीसदी ही रहेगा

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मुंबई: भारतीय रिज़र्व बैंक यानी आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में रेपो रेट में कोई तब्दीली नहीं हुई. इसको 5.5 फीसदी पर बरकरार रखा गया है. आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इसका एलान किया.

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा, “…मध्यम अवधि में, बदलती विश्व व्यवस्था में भारतीय अर्थव्यवस्था की संभावनाएं उज्ज्वल हैं. उन्होंने कहाकि इंडियन इकॉनामी अपनी अंतर्निहित शक्तियों पर आधारित है.”

गौर करें तो वित्त वर्ष 2025-26 की RBI की MPC बैठक में रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में कोई बदलाव न करते हुए कटौती नहीं की. इसके साथ ही रेपो रेट को 5.5 प्रतिशत पर ही बरकरार रखा है.

आरबीआई ने हिचकोले खा रही ग्लोबल इकोनॉमी का हवाला देते हुए कहा कि पिछले रेट का पहले असर देखा जाएगा. इसके लिए अभी समय चाहिए. बैठक में एमपीसी के सभी 6 के छह सदस्यों रेट कट न करने के पक्ष में अपनी सहमति दी.

 इसके पहले आरबीआई ने जून महीने में पॉलिसी में 50 बेसिस प्वॉइंट की कटौती करके रेपो रेट को 5.5 प्रतिशत कर दिया गया था. इस तरह से देखें तो आरबीआई ने फरवरी से जून के बीच इस साल रेपो दर में 3 बार लगातार कटौती की है.

आरबीआई के इस फैसले के बाद फिलहाल आपके होम लोन, कार लोन सहित तमाम कर्जों पर ब्याज दरों और उनकी EMI में कोई असर नहीं दिखेगा

 मौद्रिक नीति समिति (MPC) की हर दो महीने में बैठक होती है. इस बैठक का मकसद रेपो रेट पर निर्णय लेना होता है.

आरबीआई इसी साल फरवरी से लेकर जून तक रेपो रेट में एक फीसदी की कटौती कर चुका है. ऐसे में जब रेपो रेट कम होता है, तो इससे आम लोगों के लोन का बोझ भी कम होता है. इतना ही नहीं लोगों को इस बार भी रेपो रेट में कटौती के तोहफे का इंतजार था. मगर अब उन्हें अगली बैठक का इंतजार करना होगा.

रेपो रेट पर ही RBI कमर्शियल बैंकों को कर्ज मुहैया कराता है. इस दर में बदलाव करके RBI बाजार में लिक्विडिटी को नियंत्रित करता है. इसका सीधा असर महंगाई, आर्थिक विकास और लोन की EMI पर पड़ता है.

 

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Author: News 7

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