बस्तर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दिवाली मनाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि कभी जिस बस्तर में गोलियों और आतंक का साया था, आज वहां ओलंपिक का आयोजन हो रहा है और बच्चे हथियारों की जगह खेल में आगे बढ़ रहे हैं।
साथ ही पीएम ने कहा कि जंगलों से हथियारबंद नक्सलियों का तो सफाया हो चुका है, लेकिन खतरा पूरी तरह से टला नहीं है। उन्होंने कहा ‘दिमागी नक्सली’ अभी भी सक्रिय हैं, जिन्होंने कई संगठनों और राजनीतिक दलों में घुसपैठ कर रखी है। ये लोग आज भी देश के संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ लोगों को उकसा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ये वैचारिक रूप से सक्रिय ‘दिमागी नक्सली’ विभिन्न संगठनों और पार्टियों के भीतर छिपकर भ्रम फैला रहे हैं, जिन्हें पहचान कर परास्त करने की आवश्यकता है।
उन्होंने सुरक्षा बलों की सराहना करते हुए कहा कि जवानों के त्याग और समर्पण के कारण बस्तर के जंगलों से हथियारी नक्सलियों का सफाया हो चुका है और क्षेत्र विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने एक नई चुनौती के प्रति सचेत भी किया है।
पीएम मोदी ने जवानों और देशवासियों से आह्वान किया कि देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को अक्षुण्ण रखने के लिए हमें इन ‘दिमागी नक्सलियों’ को पहचानना होगा और उन्हें वैचारिक स्तर पर परास्त करना होगा।









