नई दिल्ली: दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में रविवार को 14वें दिन भी छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन जारी है। वहीं कई छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। शनिवार को यूनिवर्सिटी के टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ छात्रों से मिलने पहुंचे और आंदोलन खत्म करने के लिए कहा, हालांकि छात्रों ने प्रदर्शन खत्म नहीं किया।
छात्रों ने आरोप लगाया कि सिक्योरिटी गार्ड्स ने हमारा तंबू उखाड़ने की कोशिश की, जिससे हमने वापस सही किया। साथ ही हमारे साथ बदसलूकी भी की गई और अंदर पीने की पानी नहीं आने दे रहे।सभी गेट को बंद कर दिए गए जिससे न ही कोई छात्र अंदर आ सकता है और ना ही कोई छात्र बाहर जा सकता हैक्या हम लोग यहां के छात्र नहीं हैं।
कल यूनिवर्सिटी के टीचिंग स्टाफ हमसे मिलने के लिए पहुंचे थे, जिन्होंने कहा कि आप लोग अपना आंदोलन खत्म कर दीजिए। इसपर हम लोगों ने भी मांग की कि आप हमें लिखित में दें कि हमारी मांगें पूरी की जाएंगी, जिसके बाद ही हम प्रदर्शन खत्म करेंगे नहीं तो इसी तरह भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे।
बढ़ते तनाव और विरोध प्रदर्शन को देखते हुए विश्वविद्यालय ने सभी कक्षाओं को अगले आदेश तक ऑनलाइन मोड में शिफ्ट कर दिया है तथा कैंपस की कैंटीन और अन्य सुविधाएं बंद कर दी गई हैं।
कैंपस के बाहर और भीतर भारी संख्या में पुलिस बल तथा अर्धसैनिक बल (Paramilitary forces) तैनात हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन जारी रहेगा।
छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर पिछले 14 दिनों से चल रहा छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी गेट बंद करने के आदेश के बाद छात्र आक्रोशित हैं। छात्रों का कहना है कि प्रशासन डरा हुआ है और आंदोलन को हिंसक तरीके से दबाने की कोशिश कर रहा है।








