राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा को पत्र लिखकर हल्द्वानी में मेरी जनसभा के बाद रामलीला मैदान में कराए गए शुद्धिकरण (Purification) के गंभीर मामले में उनके द्वारा सदन में दिए गए आश्वासन की मैंने याद दिलाई है और आग्रह किया है कि इस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए’. ’24 दिन बीत जाने के बाद भी इस घृणित घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों व संगठनों के विरुद्ध एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई है’. ‘मैंने पत्र में स्पष्ट कहा है- यह मुद्दा निजी तौर पर मेरे या भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद से परे व्यापक तौर पर करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा है, जो इस क्रूर वास्तविकता से रोज रूबरू होते रहते हैं. ऐसे गलत लोगों को सबक देना जरूरी है. और मेरी मांग स्पष्ट है कि इन तथ्यों और राज्य सभा सदन में दिए गए आश्वासन के आलोक में आप मुख्यमंत्री उत्तराखंड को निर्देशित करते हुए यह सुनिश्चित करें कि हल्द्वानी में मेरी जनसभा के बाद रामलीला मैदान पर हुए शुद्धिकरण की इस घटना में संलिप्त व्यक्तियों और संगठनों पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करें.’

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में पशुपालन विभाग और गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग में चयनित 101 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें 88 पशुधन प्रसार अधिकारी और 13 गन्ना पर्यवेक्षक शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त कार्मिकों को शुभकामनाएं देते हुए जनसेवा की भावना से अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र युवाओं के परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। उन्होंने कहा कि अब सरकारी नौकरियां सिफारिश या पहचान के आधार पर नहीं, बल्कि युवाओं की मेहनत और प्रतिभा के आधार पर मिल रही हैं। पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन और गन्ना विभाग प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़े हैं। पशुपालन पर्वतीय क्षेत्रों में हजारों परिवारों की आजीविका और महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का महत्वपूर्ण आधार है। सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा दे रही है।

उन्होंने बताया कि गन्ना किसानों के हित में गन्ना सर्वेक्षण व्यवस्था को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है। किसानों को उन्नत प्रजातियों और वैज्ञानिक खेती की जानकारी देने के लिए गन्ना क्लीनिक एवं परामर्श केंद्र शुरू किए गए हैं। उत्तराखंड में गन्ना किसानों को उत्तर प्रदेश की तुलना में पांच रुपये प्रति कुंतल अधिक गन्ना मूल्य दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कार्मिकों से कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने किसानों और पशुपालकों की समस्याओं को संवेदनशीलता से समझकर समाधान करने तथा ‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि’ के मूल मंत्र के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, गणेश जोशी, खजानदास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर, दुर्गेश्वर लाल, सचिव एस.एन. पाण्डेय सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

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Author: News 7

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राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा को पत्र लिखकर हल्द्वानी में मेरी जनसभा के बाद रामलीला मैदान में कराए गए शुद्धिकरण (Purification) के गंभीर मामले में उनके द्वारा सदन में दिए गए आश्वासन की मैंने याद दिलाई है और आग्रह किया है कि इस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए’. ’24 दिन बीत जाने के बाद भी इस घृणित घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों व संगठनों के विरुद्ध एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई है’. ‘मैंने पत्र में स्पष्ट कहा है- यह मुद्दा निजी तौर पर मेरे या भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद से परे व्यापक तौर पर करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा है, जो इस क्रूर वास्तविकता से रोज रूबरू होते रहते हैं. ऐसे गलत लोगों को सबक देना जरूरी है. और मेरी मांग स्पष्ट है कि इन तथ्यों और राज्य सभा सदन में दिए गए आश्वासन के आलोक में आप मुख्यमंत्री उत्तराखंड को निर्देशित करते हुए यह सुनिश्चित करें कि हल्द्वानी में मेरी जनसभा के बाद रामलीला मैदान पर हुए शुद्धिकरण की इस घटना में संलिप्त व्यक्तियों और संगठनों पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करें.’

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राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा को पत्र लिखकर हल्द्वानी में मेरी जनसभा के बाद रामलीला मैदान में कराए गए शुद्धिकरण (Purification) के गंभीर मामले में उनके द्वारा सदन में दिए गए आश्वासन की मैंने याद दिलाई है और आग्रह किया है कि इस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए’. ’24 दिन बीत जाने के बाद भी इस घृणित घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों व संगठनों के विरुद्ध एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई है’. ‘मैंने पत्र में स्पष्ट कहा है- यह मुद्दा निजी तौर पर मेरे या भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद से परे व्यापक तौर पर करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा है, जो इस क्रूर वास्तविकता से रोज रूबरू होते रहते हैं. ऐसे गलत लोगों को सबक देना जरूरी है. और मेरी मांग स्पष्ट है कि इन तथ्यों और राज्य सभा सदन में दिए गए आश्वासन के आलोक में आप मुख्यमंत्री उत्तराखंड को निर्देशित करते हुए यह सुनिश्चित करें कि हल्द्वानी में मेरी जनसभा के बाद रामलीला मैदान पर हुए शुद्धिकरण की इस घटना में संलिप्त व्यक्तियों और संगठनों पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करें.’