अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सोमवार को हुई बैठक में समर्पण निधि व दान में मिले आभूषणों का लेखा-जोखा भी प्रस्तुत किया गया। ट्रस्ट ने साफ किया कि दान में मिले आभूषणों की रसीद दी गई है और वे सुरक्षित हैं।
ट्रस्ट के अनुसार, सभी 2,926 दान की गई वस्तुएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं और उनका पूरा रिकॉर्ड रजिस्टरों में दर्ज है।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने 5 प्रमुख बेशकिमती नमूनों को मीडिया के सामने रखा, जिनमें सोने की रामायण, भगवान की चरण पादुका, एक हार और काकभुशुंडि की मूर्ति शामिल थी।
हालांकि यह भी कहा गया कि यदि किसी व्यक्ति, संस्था या पत्रकार के पास मंदिर से संबंद्ध किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध अनियमितता के ठोस साक्ष्य हैं, तो उन्हें सार्वजनिक आरोप लगाने के बजाय एसआईटी अथवा संबंधित जांच एजेंसी को उपलब्ध कराए। जांच एजेंसियां प्रमाणों के आधार पर अवश्य कार्रवाई करेंगी।
ट्रस्ट द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार चढ़ावे की राशि की गणना प्रक्रिया में अनियमितता से न्यासीगण आहत एवं चिंतित हैं और इस दुर्भाग्यकारी प्रकरण पर गंभीर खेद व्यक्त करते हैं।
ट्रस्ट द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, प्राप्त भारी मात्रा में चांदी की वस्तुओं को भारत सरकार की टकसाल (मिंट) में गलाकर छड़ों में बदल दिया गया है, जिसकी शुद्धता और कुल वजन के प्रमाण-पत्र भी मौजूद हैं।
ट्रस्ट की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार निधि समर्पण अभियान एवं अन्य दान के माध्यम से ट्रस्ट को 3264 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। इनमें से 2370 करोड़ रुपये निर्माण एवं पूंजीगत व्यय में उपयोग की गई है।
प्रारंभ से लेकर 31 मार्च 2026 तक कुल चढ़ावा 582 करोड़ रुपये प्राप्त हुआ है। जिसमें से 391 करोड़ रुपये की राशि संचालन व्यय में उपयोग ली गई। शेष राशियां बैंक खातों में उपलब्ध है।
भेंट देने वाले समस्त श्रद्धालुओं को रसीद दी गई हैं और काउंटर के अतिरिक्त दी गई भेंट के लिए भी उन समस्त श्रद्धालुओं को रसीद दी गई है, जिन्होंने दानदाता का विवरण दिया।








