टनकपुर: सीएम पुष्कर सिंह धामी अपने दो दिवसीय चंपावत दौरे के दौरान रविवार को एक ग्रामीण परिवार के घर पहुंचे, जहां उन्होंने पहाड़ की पारंपरिक जीवनशैली को करीब से जिया। मुख्यमंत्री ने रसोई में चूल्हे पर स्वयं मंडुवे की रोटी बनाई और सिलबट्टे पर पहाड़ी चटनी पीसी। इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर स्थानीय व्यंजनों का स्वाद भी लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पारंपरिक खान-पान संस्कृति और ग्रामीण जीवन हमारी अमूल्य धरोहर है। उन्होंने स्थानीय अनाज, मोटे अनाज (श्री अन्न) और पहाड़ी उत्पादों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इनके संरक्षण और प्रचार-प्रसार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय बढ़ेगी।
धामी ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं और अधिकारियों को आवश्यक मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांवों के समग्र विकास, स्वरोजगार और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री का यह सहज और पारंपरिक अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उनसे मिलने पहुंचे और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। राजनीतिक जानकार इसे मुख्यमंत्री की आम लोगों से जुड़ने की शैली और उत्तराखंड की लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के संदेश के रूप में भी देख रहे हैं।








