नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन मामले की जांच अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गई है. मामले में दिल्ली पुलिस ने ग्वालियर से जितेंद्र यादव नाम के युवक को गिरफ्तार किया है. दिल्ली पुलिस का कहना है कि वह समिट में हुए हंगामे से जुड़े प्रदर्शनकारियों में शामिल था और उसकी भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है.
दिल्ली पुलिस की एक टीम हाल ही में ग्वालियर पहुंची थी. वहां पर स्थानीय पुलिस के सहयोग से टीम ने जितेंद्र यादव को उसके घर से हिरासत में लिया.उसे पूछताछ के लिए दिल्ली लाया गया. बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियों को तकनीकी साक्ष्यों व अन्य इनपुट के आधार पर उसके विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के संकेत मिले थे.
दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया है कि एआई समिट के दौरान कुछ लोगों ने अचानक कार्यक्रम स्थल के पास पहुंचकर नारेबाजी की थी. आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने विरोध जताने के लिए असामान्य तरीके अपनाए, इससे आयोजन स्थल पर कुछ समय के लिए अफरातफरी की स्थिति बन गई थी. सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके से कई लोगों को हिरासत में लिया था. अब पुलिस इस पूरे विरोध के पीछे की योजना, इसमें शामिल संगठनों व अन्य सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है.
जितेंद्र यादव की रात में गिरफ्तारी पर परिवार ने सवाल उठाए. परिजनों का कहना है कि पुलिस देर रात घर पहुंची. बिना पर्याप्त जानकारी दिए उसे साथ ले गई. हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है. आरोपी से पूछताछ जारी है. बता दे कि इस मामले में प्रदर्शन कर रहे चार लोगों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. दिल्ली पुलिस ने उन्हें 5 दिन की डिमांड पर लिया हुआ है और उनसे पूछताछ चल रही है.
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक समिट जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता है. इसलिए इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की जा रही है. दिल्ली पुलिस विरोध के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में बाधा डालने व सार्वजनिक शांति भंग करने से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई कर रही है. दिल्ली पुलिस का दावा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ और लोगों की पहचान हो सकती है. फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि विरोध प्रदर्शन अचानक हुआ या इसके पीछे पहले से कोई साज़िश रची गई थी.










