नई दिल्लीः कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोमवार को मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि व्यापारिक समझौते के लिए “राष्ट्रीय हितों का सौदा” करना स्वीकार्य नहीं है. प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सुरजेवाला ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को खेती और किसानों के साथ विश्वासघात बताया.
रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “ट्रेड डील के लिए राष्ट्रीय हितों का सौदा करना मंजूर नहीं है.” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि व्यापार समझौते आर्थिक प्रगति का रास्ता होते हैं, लेकिन “वे समानता पर आधारित होने चाहिए और उनमें जनता का कल्याण सर्वोपरि होना चाहिए. व्यापारिक सौदे कभी भी गुलामी या संप्रभुता के सरेंडर (समर्पण) का जरिया नहीं बन सकते.”
सुरजेवाला ने स्पष्ट रूप से कहा कि “व्यापार समझौतों की वेदी पर राष्ट्रीय हितों और जन कल्याण की बलि नहीं दी जा सकती.” उन्होंने कहा, “भारत के 144 करोड़ लोग इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे. मोदी सरकार ने भारत-अमेरिका सौदे में भारत के खेतों और किसानों के हितों की बलि चढ़ा दी है.”
सुरजेवाला ने कहा, “अमेरिकी कृषि और खाद्य उत्पादों के आयात की अनुमति देना भारत के किसानों के जीवन और आजीविका पर सीधा हमला है. ‘फ्रेमवर्क एग्रीमेंट’ के पहले ही बिंदु में भारत अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों के लिए अपना बाजार खोलने पर सहमत हो गया है.”
उन्होंने कहा, “भारत को 5 साल में 500 अरब डॉलर (45 लाख करोड़ रुपये) का अमेरिकी सामान खरीदने के लिए मजबूर करना, क्या यह राष्ट्रीय हित में है? 2024 में, भारत ने अमेरिका को 81 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया और 43 अरब डॉलर का आयात किया, जिससे भारत को 38 अरब डॉलर का व्यापार अधिशेष प्राप्त हुआ. जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी, 2025 को अमेरिका का दौरा किया था, तो संयुक्त बयान में ‘आपसी व्यापार’ को 500 अरब डॉलर तक बढ़ाने की बात कही गई थी. उस समय, यह व्यापार एकतरफा होने की शर्त नहीं थी. लेकिन 6 फरवरी के व्यापार समझौते में, इसे पूरी तरह से उलट दिया गया.”










