माघ मेला 2026- शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के रथ को पुलिस ने रोका; धक्का मुक्की का आरोप, नहीं किया स्नान

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प्रयागराज: संगम नगरी में चल रहे माघ मेले में ज्योतिष पीठ के शंकरचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को प्रशासन ने रथ पर जाकर संगम स्नान करने से रोक दिया है. इसके बाद नाराज शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपने शिविर के बाहर धरने पर बैठे गए. उन्होंने कहा कि जबतक प्रशासन सह सम्मान स्नान के लिए नहीं ले जाता स्नान नहीं करूंगा. बता दें कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने अनुयायियों के साथ रथ पर सवार होकर संगम नोज तक जाना चाहते थे, जबकि प्रशासन उनसे पैदल जाकर स्नान करने को कह रहा था. इसी टकराव और हगामें के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद संगम वॉच टॉवर के पास वापसी मार्ग पर 3 घंटे तक खड़े रहे.

पुलिस कर्मियों और साधुओं के बीच तीखी झड़प हुई. इसके बाद कुछ साधुओं को पुलिसकर्मियों ने घसीट कर वहां से हटा दिया. इस दौरान उनके अनुयायियों और पुलिस बल के बीच तीखी झड़प भी हुई. पुलिस ने कई अनुयायियों को हिरासत में भी लिया है.

अनुयायियों का आरोप है कि शंकराचार्य के रथ को पुलिस के जवानों ने सादी वर्दी में खींचकर संगम नोज से 1 किलोमीटर दूर छोड़ दिया. यह शंकराचार्य का अपमान है. इस तरह स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बिना मौनी अमावस्या स्नान के ही वापस लौट गए. जिस समय पुलिस साधुओं को बल पूर्वक हटा रही थी शंकराचार्य काफी क्रोध में नजर आए.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि पिछले 39 सालों से वह इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए मौनी अमावस्या का स्नान करते रहे हैं. शंकराचार्य होने के बाद गरिमा के अनुरूप उन्होंने पालकी पर सवार होकर संगम स्नान करते रहे हैं. शिविर से मुझे पुलिस अधिकारियों ने ही अपनी सुरक्षा में लेकर संगम नोज तक पहुंचाया था. मैं रथ पर इसलिए सवार होकर आया था कि यहां लाखों श्रद्धालु आए हैं.

 

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Author: News 7

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