भोपाल: मध्य प्रदेश में दो अलग-अलग त्रासदियों को लेकर सियासत तेज हो गई है. इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी जहां भागीरथपुरा पहुंचकर पीड़ित परिवारों के साथ खड़े नजर आए, उसी समय भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यूनियन कार्बाइड कारखाने का निरीक्षण कर कांग्रेस पर पलटवार किया. सीएम ने भोपाल गैस कांड को कांग्रेस का कलंक बताते हुए राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी की मांग कर डाली.
मोहन यादव ने भोपाल में यूनियन कार्बाइड कारखाने का निरीक्षण करने के बाद कहा “मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के इतिहास में भोपाल गैस त्रासदी जैसी भीषण घटना कभी नहीं हुई. 2-3 दिसंबर 1984 की दरमियानी रात यूनियन कार्बाइड कारखाने से निकली जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट गैस ने भोपाल में मौत का तांडव मचाया, जो कांग्रेस शासनकाल का सबसे बड़ा कलंक है. सीएम ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि इतना खतरनाक जहर 25 वर्षों तक वहीं पड़ा रहा और कांग्रेस सरकारों ने इसे हटाने की कोई गंभीर कोशिश नहीं की, जिससे यह इलाका डरावना और भुतहा बन गया.”
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने न केवल भोपाल के लोगों को मरने के लिए छोड़ा, बल्कि यूनियन कार्बाइड के मालिक वॉरेन एंडरसन को देश से भगाने में भी उसकी भूमिका रही. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को इस पूरे मामले में माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि यह त्रासदी उनकी दादी और पिता के शासनकाल में हुई. बाद में मनमोहन सिंह की सरकार ने भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया.
सीएम ने कहा कि वर्तमान सरकार बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों में रोजगार के नए अवसर तलाश रही है. भविष्य में यहां स्मारक निर्माण सहित पुनर्निर्माण के कार्य सभी पक्षों से सुझाव लेकर आगे बढ़ाए जाएंगे.










