कांग्रेस वर्किग कमेटी की बैठक में बोले खरगे, मोदी सरकार ने ना सिर्फ गरीबों के पेट पर लात मारी, बल्कि पीठ में छुरा भी घोंपा

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नई दिल्ली: कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक आज शनिवार को हुई. इस बैठक में पार्टी के सभी सीनियर लीडर समेत तमाम नेता शामिल हुए. जानकारी के मुताबिक इस मीटिंग में मौजूदा राजनीतिक हालात और सरकार के खिलाफ पार्टी के एक्शन प्लान पर चर्चा की गई. इसके साथ-साथ मनरेगा की जगह लाए गए नए कानून वीबी ‘जी राम जी’ के खिलाफ भी रणनीति बनाई गई. कांग्रेस इस नए कानून के खिलाफ पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन करेगी.

यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी समेत तमाम नेता इस बैठक में शामिल हुए हैं. वहीं, कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में कांग्रेस शासित राज्यों कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के अलावा प्रदेश कांग्रेस कमेटियों (PCCs) के अध्यक्ष भी मौजूद रहे.

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मीटिंग में अपनी शुरुआती बात में, खरगे ने कहा कि हाल ही में मानसून सत्र में, मोदी सरकार ने मनरेगा (MGNREGA) खत्म कर दिया, जिससे लाखों गरीब और कमजोर लोग बेसहारा हो गए. मोदी सरकार ने न सिर्फ गरीबों के पेट पर लात मारी है, बल्कि पीठ में छुरा भी घोंपा है. मनरेगा (MGNREGA) खत्म करना राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान है. जैसा कि सोनिया गांधी ने हाल ही में लिखा था: ‘MGNREGA ने महात्मा के सर्वोदय (‘सबकी भलाई’) के विजन को पूरा किया और काम करने का संवैधानिक अधिकार दिया. इसकी मौत हमारी सामूहिक नैतिक नाकामी है — जिसके आने वाले कई सालों तक भारत के करोड़ों मेहनतकश लोगों पर पैसे और इंसानी असर पड़ेंगे. अब पहले से कहीं ज्यादा, यह जरूरी है कि हम एकजुट हों और उन अधिकारों की रक्षा करें जो हम सभी की रक्षा करते हैं.

इसके साथ-साथ उन्होंने पार्टी सदस्यों से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम (VB-G RAM-G) 2025 से बदलने के केंद्र के फैसले के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन के लिए ‘एक ठोस योजना बनाने’ को भी कहा. उन्होंने ‘जी राम जी’ कानून के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली NDA सरकार की आलोचना की और उस पर काम के अधिकार पर हमला करने का आरोप लगाया.

इसके साथ-साथ उन्होंने पार्टी सदस्यों से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम (VB-G RAM-G) 2025 से बदलने के केंद्र के फैसले के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन के लिए ‘एक ठोस योजना बनाने’ को भी कहा. उन्होंने ‘जी राम जी’ कानून के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली NDA सरकार की आलोचना की और उस पर काम के अधिकार पर हमला करने का आरोप लगाया.

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Author: News 7

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