समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि वे देश के गृह मंत्री हैं, इसलिए कुछ भी कह सकते हैं. लेकिन कई बातें ऐसी होती हैं, जिन्हें उन्हें नहीं कहना चाहिए. यादव ने कहा कि गृह मंत्री देश की एकता का प्रतीक होता है. यदि वही ऐसा बयान दे दे जो देश में विभाजन का माहौल पैदा करे, तो यह ठीक नहीं माना जाएगा.
कांग्रेस सांसद किरण कुमार चमाला ने संसद में गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि SIR को लेकर हमारे सवाल वर्तमान स्थिति से जुड़े हैं, लेकिन अमित शाह इसे घुसपैठियों से जोड़कर मुद्दे को भटका रहे हैं. चमाला ने कहा कि बिहार में SIR होने के बाद भी फर्जी वोट और एक व्यक्ति के कई EPIC नंबर मौजूद हैं, इसलिए यह प्रक्रिया सिर्फ दिखावा लगती है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार घुसपैठियों को हटाने की बात कहकर जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटका रही है.
आरजेडी सांसद मनोज झा ने लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे पहले चुनाव आयोग के पास गए थे, लेकिन वहां कोई समाधान नहीं निकला. इसके बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा, तभी मामला आगे बढ़ पाया. उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि लोकसभा में बहस का स्तर इतना नीचे जा सकता है. मनोज झा के अनुसार बहस में वह मूल भावना ही गायब दिखी, जो व्यापक और गंभीर चर्चा का आधार होनी चाहिए थी.










