लोकसभा में चुनावी सुधार पर बोलते हुए राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा और महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट में डुप्लीकेट फोटो और फर्जी वोटरों के मामले सामने आए हैं, जिन्हें उनकी पार्टी ने सबूतों के साथ साबित किया है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग पर एक विशेष संगठन का प्रभाव बढ़ गया है और इसी प्रभाव का इस्तेमाल भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को नुकसान पहुंचाने के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि सीईसी की नियुक्ति प्रक्रिया से सीजेआई को हटाया जाना इसी दिशा में एक गंभीर कदम था।
राहुल गांधी ने दावा किया कि दिसंबर 2023 में नियम बदलकर यह प्रावधान किया गया कि किसी भी चुनाव आयुक्त को दंडित नहीं किया जा सकता, और यह 2024 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले किया गया। उनके अनुसार, सीसीटीवी और डेटा नियमों में बदलाव भी सत्ता और आयोग के बीच तालमेल का संकेत देते हैं।
उन्होंने हरियाणा में वोटर लिस्ट में एक ही ब्राजीलियन महिला की फोटो 22 बार छपने का उदाहरण देते हुए कहा कि यह साधारण गलती नहीं बल्कि चुनावी व्यवस्था में खामी और ‘वोट चोरी’ का संकेत है। बिहार में 1.22 लाख डुप्लीकेट तस्वीरें मिलने का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आयोग ने उनके सवालों के जवाब नहीं दिए। स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी को गरिमा बनाए रखने की नसीहत दी, लेकिन राहुल ने कहा कि यह ‘डाटा का नहीं, चुनाव की चोरी’ का सवाल है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव सुधार जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि मशीन रीडेबल वोटर लिस्ट सभी राजनीतिक दलों को चुनाव से एक महीने पहले दी जानी चाहिए। सीसीटीवी फुटेज को नष्ट करने का नियम भी बदला जाना चाहिए। विपक्ष को ईवीएम देखने के लिए दी जाए। इसके बाद उन्होंने कहा कि वोट चोरी राष्ट्र विरोधी काम है। हमारा देश एक महान लोकतांत्रिक देश है। सरकार चुनाव सुधार नहीं चाहती।
आरएसएस पर राहुल ने किया हमला:
राहुल गांधी ने RSS पर जमकर हमला किया।उन्होंने कहा कि आरएसएस सभी संस्थाओं पर कब्जा करना चाहती है। चुनाव आयोग कब्जा किया जा रहा, चुनाव में भाजपा इसका इस्तेमाल कर रही है।
राहुल ने कहा, ‘ED, सीबीआई, IB, Income टैक्स डिपार्टमेंट पर कब्जा किया जा रहा है और ये सब RSS कर रहा है।










