नई दिल्ली: दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लाउंड्रिंग के मामले में ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेने पर फैसला टाल दिया है. स्पेशल जज विशाल गोगने ने अब 16 दिसंबर को फैसला सुनाने का आदेश दिया.
ईडी ने 6 सितंबर को सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से 4 जुलाई 2014 को ईडी के पास दर्ज कराई गयी शिकायत की प्रति और 30 जून 2021 के एक दस्तावेज की प्रति दाखिल किया था. सुनवाई के दौरान ईडी ने कहा था कि जिन लोगों ने कांग्रेस को दान दिया उनके साथ धोखाधड़ी की गयी. ईडी ने कहा कि जिन लोगों ने दान दिया उनमें से कुछ को टिकट दिए गए. आरोपपत्र में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के नाम पीएमएलए के तहत दर्ज हैं।
ईडी का आरोप है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत इन नेताओं ने साजिश के तहत एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की लगभग 2 हजार करोड़ रुपये की संपत्तियों पर कब्जा कर लिया था। जान लें कि नेशनल हेराल्ड केस मूल रूप से पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत की वजह से शुरू हुआ था, जिसमें कांग्रेस नेताओं और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड से जुड़ी कंपनियों द्वारा पैसे के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया था। ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने या नहीं लेने के बारे में कोर्ट का आगामी फैसला लंबे समय से चल रहे केस में अगला पड़ाव तय करेगा।
इस मामले में राहुल गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील आरएस चीमा ने कहा था कि कांग्रेस ने एजेएल को बेचने की कोशिश नहीं की थी बल्कि वो इस संस्था को बचाना चाहती थी, क्योंकि वो स्वतंत्रता आंदोलन का हिस्सा थी.










