पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में मोकामा क्षेत्र में हुई दुलारचंद यादव की मौत ने पूरे राज्य में सनसनी मचा दी है. जन सुराज पार्टी के समर्थक और पूर्व राजद नेता दुलारचंद गुरुवार (30 अक्टूबर) को बाढ़ में पार्टी प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के प्रचार में शामिल थे. इसी दौरान हुई घटना को परिजनों ने सुनियोजित हत्या करार दिया और पूर्व विधायक अनंत सिंह व उनके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए. लेकिन अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मामले की दिशा बदल दी है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का असली कारण उजागर: पटना सदर अस्पताल में तीन डॉक्टरों की टीम द्वारा किया गया पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है. रिपोर्ट के अनुसार, दुलारचंद की मौत गोली लगने से नहीं हुई. पैर में लगी गोली आर-पार निकल गई थी, लेकिन जानलेवा नहीं थी. असल वजह रही फेफड़े का फटना और कार्डियो-रेस्पिरेटरी फेल्योर.
रिपोर्ट में स्पष्ट है कि पीठ पर किसी भारी वस्तु से जोरदार धक्का लगा, जिससे वे जमीन पर गिर पड़े. इससे सीने की कई पसलियां टूट गईं और फेफड़ा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. सांस रुकने से हृदय गति थम गई. यह रिपोर्ट जांच अधिकारी को सौंप दी गई है. पुलिस ने फोरेंसिक जांच के भी आदेश दिए हैं.
घटना के बाद जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने इसे राजनीतिक हत्या बताया, जबकि अनंत सिंह ने चुनावी षड्यंत्र करार देकर खारिज किया. मोकामा में भारी पुलिस बल तैनात है. अब तक तीन एफआईआर दर्ज हुईं और दो गिरफ्तारियां हुईं, लेकिन मुख्य आरोपी फरार हैं. परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं. फिलहाल यह मौत बिहार चुनाव में हिंसा की पुरानी छाया को फिर से उजागर कर रही है.










