नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को इजराइली बंधकों की रिहाई का स्वागत किया. इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘अटूट शांति प्रयासों’ और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ‘दृढ़ संकल्प’ की सराहना की.
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया, “हम दो साल से ज्यादा समय तक बंधक रहने के बाद सभी बंधकों की रिहाई का स्वागत करते हैं. उनकी आजादी उनके परिवारों के साहस, राष्ट्रपति ट्रंप के अटूट शांति प्रयासों और प्रधानमंत्री नेतन्याहू के दृढ़ संकल्प को ट्रिब्यूट है. हम क्षेत्र में शांति लाने के राष्ट्रपति ट्रंप के ईमानदार प्रयासों का समर्थन करते हैं.”
इससे पहले इजराइली रक्षा बलों (IDF) ने पुष्टि की कि गाजा में दो साल से ज़्यादा समय तक बंधक रहने के बाद शेष सभी 20 जीवित इजराइली बंधकों को हमास ने रिहा कर दिया है और इजराइली अधिकारियों को वापस कर दिया है.
इस संबंध में IDF प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने कहा कि आज, सात सौ अड़तीस दिनों के बाद शेष 20 जीवित बंधक घर लौट आए हैं. यह एक निर्णायक क्षण है. यह क्षण इजराइल के लोगों और मानवता में विश्वास रखने वाले सभी लोगों का है.
शांतिपूर्ण समाधान का आह्वान
इस संबंध में विदेश मंत्रालय ने कहा है, “भारत ने 7 अक्टूबर 2023 को इजराइल पर हुए आतंकवादी हमलों और इजराइल-हमास संघर्ष में नागरिकों की जान जाने की कड़ी निंदा की है. भारत ने लगातार सभी बंधकों की रिहाई, युद्धविराम और बातचीत और कूटनीति के माध्यम से संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान का आह्वान किया है.”
मानवीय सहायता निरंतर सप्लाई पर जोर
मंत्रालय ने आगे कहा कि भारत ने क्षेत्र में मानवीय सहायता की सुरक्षित, समय पर और निरंतर सप्लाई की आवश्यकता पर भी जोर दिया है. भारत की स्थिति को विभिन्न द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों जैसे संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स, एनएएम, वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ आदि में दोहराया गया है.
प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने इस मुद्दे पर क्षेत्र और दुनिया भर के कई नेताओं से बात की है, जिनमें इजराइल के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री और फिलिस्तीन के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शामिल हैं.










