पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मुलाकात पटना के होटल मौर्या में हुई. दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात बंद कमरे में चली, जिससे इसकी अहमियत और भी बढ़ गई. बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह बैठक सियासी गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गई है.
सीट बंटवारे पर पेंच, सहयोगी दलों की बढ़ी मांग
बिहार में एनडीए गठबंधन में शामिल भाजपा, जदयू, हम, लोजपा (रामविलास) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के बीच सीट बंटवारे को लेकर अभी जोर-शोर से चर्चा चल रही है. कई सीटों पर सहमति बनाना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है, क्योंकि जीतन राम मांझी 15-20 सीटों की मांग कर रहे हैं, वहीं चिराग पासवान जदयू की मजबूत सीटों पर दावा ठोक रहे हैं, जिससे पेंच फंस गया है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया दौरे के बाद अमित शाह का यह दौरा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है.
अमित शाह-नीतीश की मुलाकात से गरमाई सियासत
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अचानक मुलाकात को आगामी विधानसभा चुनाव में एनडीए के सीट बंटवारे को लेकर अहम माना जा रहा है. यह बैठक करीब आधे घंटे तक चली, जिसमें जदयू और भाजपा के वरिष्ठ नेता, जैसे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, विजय कुमार चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल मौजूद रहे. सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात में चुनावी रणनीति पर चर्चा के साथ-साथ सीट बंटवारे पर भी मंथन हुआ.










