उत्तराखंड में मानसून जाते-जाते भारी तबाही मचा रहा है. देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और टिहरी में भारी बारिश से हालात बेकाबू हैं. सबसे बुरा हाल देहरादून के माल देवता, सहस्त्रधारा और टपकेश्वर मंदिर के आसपास का है। भारी बारिश के कारण टपकेश्वर मंदिर के नीचे से बहने वाली तमसा नदी भी उफान पर है. देहरादून के देवभूमि इंस्टीट्यूट परिसर में जलभराव से फंसे लगभग 200 छात्र-छात्राओं को उत्तराखंड पुलिस और एसडीआरएफ ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू किया। देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद मौके पर पहुंचे हैं. सहस्त्रधारा, टपकेश्वर मंदिर समेत कई प्रभावित इलाकों का मुआयना कर हालात की समीक्षा की. ऋषिकेश में चंद्रभागा नदी इतनी उफान पर है, वहां वाहन अचानक पानी में समा गए. मनसा देवी के पास रेलवे ट्रैक पानी में डूबा है.पूरे इलाके में बाढ़ जैसे हालात हैं. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं.
मौसम विभाग ने उत्तराखंड में 20 सितंबर तक मौसम का अलर्ट जारी किया है. 17 सितंबर यानि आज देहरादून और बागेश्वर जिलों में अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी. बाकी जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी.18 सितंबर को राज्य के सभी जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है. 19 सितंबर और 20 सितंबर को भी बारिश का यही पैटर्न रहने का अनुमान है. ऐसा अनुमान है कि अगले हफ्ते से मानसून कमजोर पड़ने लगेगा.
मौसम विभाग ने संवेदनशील इलाकों में सतर्क रहने के निर्देश दिये हैं. इन इलाकों में भूस्खलन और चट्टानें गिरने की घटनाओं की संभावना हो सकती है. जिसके कारण लिंक रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो सकते हैं. ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों से घरों में रहने की अपील की है. जरुरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी गई है. चारधाम यात्रियों से भी मौसम देखकर यात्रा प्लान करने की अपील की गई है.










