जम्मू: श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे भारी वाहनों के लिए बंद होने से भेड़ और बकरियों से लदे दर्जनों ट्रक दो सप्ताह से अधिक समय से बिना भोजन या पानी के फंसे हुए हैं, जिसके कारण कई मवेशियों की मौतें हुई हैं. अधिकारियों ने बताया कि दो हफ्तों से भी ज्यादा समय से, हजारों जानवर चिलचिलाती धूप में धातु के कंटेनरों में फंसे हुए हैं, उनकी जान खतरे में है. कुछ तो पहले ही बेहोश हो चुके हैं और कुछ कमजोर दिख रहे हैं.
270 किलोमीटर लंबा यह हाईवे कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है. पिछले महीने उधमपुर के आसपास अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से हुए विनाश के बाद से इस पर भारी यातायात बंद है. जो पहले व्यापार का मुख्य मार्ग था, अब वाहन चालकों के लिए भयानक सपना बन गया है.
ऑल कश्मीर बुचर्स एसोसिएशन के प्रमुख खजीर मुहम्मद रेगू के लिए यह त्रासदी आर्थिक और नैतिक दोनों है. उन्होंने मवेशी लदे कम से कम 65 ट्रकों की गिनती की है जो जम्मू से श्रीनगर के लिए रवाना हुए थे, लेकिन अभी तक नहीं पहुंचे हैं.
इस तरह 11,000 से ज्यादा बकरियां और भेड़ें फंस गई हैं. कुछ तो भूख-प्यास से मर चुकी हैं, कई अन्य मरने के कगार पर हैं. अब तक 16 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है. लेकिन इससे भी बुरी बात यह है कि वे हमारी आंखों के सामने मर रही हैं.”










