नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने आज दिल्ली में बिहार बीजेपी कोर कमेटी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की. सूत्रों की माने तो इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देना और रणनीति पर विचार-विमर्श करना था.
बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है, और माना जा रहा है कि सितंबर-अक्टूबर में चुनाव आयोग द्वारा तारीखों की घोषणा की जा सकती है.
पार्टी में चुनावी रणनीति और सीट बंटवारे पर चर्चा की गई. बैठक में बिहार विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति पर गहन विचार-विमर्श किया गया. बिहार बीजेपी कोर ग्रुप की मीटिंग में प्रमुख मुद्दा कुछ इस तरह था।
- शाह और नड्डा ने एनडीए के घटक दलों, जिसमें जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर), और राष्ट्रीय लोक मोर्चा जैसी पार्टियों के9 दी जाने वाली सीटों पर पार्टी ने कोर ग्रुप के नेताओं से चर्चा की. साथ ही पार्टी सूत्रों के मुताबिक पार्टी द्वारा करवाए गए सर्वे के आधार पर 243 विधानसभा सीटों पर बीजेपी और सहयोगी दलों की स्थिति का आकलन किया गया.
- पार्टी सूत्रों की माने तो चुनाव के मुख्य मुद्दे, एंटी-इनकंबेंसी से संबंधित मुद्दे और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर कमजोर और मजबूत क्षेत्रों की गई पहचान वाली सीट और कुछ विधायकों के टिकट काटने पर विचार किया गया.
- इसके अलावा हाल ही में इंडिया गठबंधन की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के खिलाफ कथित अपशब्दों के मुद्दे पर भी चर्चा हुई. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी इस मुद्दे को चुनावी रणनीति के तौर पर इस्तेमाल करने की योजना बना रही है.
इसके जवाब में बीजेपी महिला मोर्चा ने 4 सितंबर को पांच घंटे (सुबह 7 से दोपहर 12 बजे तक) के लिए बिहार बंद का ऐलान किया है. अमित शाह ने बिहार बीजेपी नेताओं को जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और भाषणबाजी कम करने की सलाह दी.
बिहार बीजेपी के नेताओं की कोर ग्रुप की बैठक में गृह मंत्री अमित शाह के अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल, दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, बिहार प्रभारी विनोद तावड़े, सह-प्रभारी दीपक प्रकाश, संगठन महामंत्री भिखूभाई दलसानिया और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र नाथ सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे.










