यमुनानगर: हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में पानी का तेज बहाव लगातार तीसरे दिन भी जारी है. सोमवार सुबह 4 बजे से बैराज पर जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो सुबह 9 बजे तक 3 लाख 29 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया. इसके बाद से लगातार हर घंटे करीब डेढ़ लाख क्यूसेक से ऊपर पानी छोड़ा जा रहा है.
दिल्ली एनसीआर में बाढ़ का खतरा: हथिनीकुंड बैराज के सभी 18 फ्लड गेट पिछले 60 घंटे से अधिक समय से खुले हैं और पानी का रुख सीधे दिल्ली की ओर बना हुआ है. दिल्ली में यमुना का जलस्तर पहले से ही खतरे के निशान से ऊपर है. हालात ऐसे ही रहे तो दिल्ली में यमुना नदी तांडव कर सकती है. यानी कि दिल्ली और एनसीआर में भयंकर बाढ़ का खतरा है. हालांकि प्रशासन अलर्ट मोड पर है.
नदी के किनारे बसे लोगों को अलर्ट रहने की जरूरत: इस बारे में सिंचाई विभाग के एक्सईन विजय गर्ग ने कहा कि, “कैचमेंट एरिया में बरसात कम हुई है, लेकिन यमुना का फ्लो लगातार जारी है. यमुना नदी से सटे इलाकों को खतरा बना हुआ है, क्योंकि जहां यह पानी बहता है वहां की जमीनों को प्रभावित करता है.”
डीसी ने लोगों से की अपील: इस दौरान डीसी ने पार्थ गुप्ता कहा कि, “यमुनानगर जिले के 50 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं, जहां राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं. कई गांवों में यमुना के पानी से भूमि का कटाव हुआ है और कुछ जगहों पर मकान गिरने की भी सूचना है. प्रभावित लोग क्षतिपूर्ति पोर्टल पर पंजीकरण करवा सकते हैं. प्रशासन की ओर से हर संभव मदद की जाएगी.लोगों से अपील है कि नदी के किनारे जाने से बचें, जिससे किसी प्रकार की जनहानि न हो.”
राहत के इंतजार में लोग: ऐसे में यमुना नदी के उफान को शांत होने का निचले इलाकों के लोगों को इंतजार है. कई लोग ऐसे हैं, जिन्हें अपने घर छोड़ने पड़े हैं और वे पानी उतरने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि अपने आशियानों में वापसी कर सकें. इधर, प्रशासन का कहना है कि फिलहाल यमुनानगर में आबादी को खाली करवाने की स्थिति नहीं बनी है, लेकिन स्थिति पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है.










