देहरादून: उत्तराखंड के हिमाच्छादित क्षेत्रों के अलावा पूरे प्रदेश भर में जनसंख्या की गणना के कार्यक्रमों का ऐलान हो गया है। दरअसल, आगामी साल 2027 में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा समेत तमाम राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने हैं। जिसके चलते, महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त ने चुनाव में जाने वाले राज्यों में जनसंख्या की गणना का कार्य, चुनाव से पहले करने का निर्णय लिया है। इसके लिए तिथियों का भी ऐलान कर दिया है। जिसके तहत इन राज्यों में 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक जनसंख्या की गणना होगी और पुनरीक्षण दौर 5 जनवरी से 9 जनवरी 2027 तक चलेगा।
उत्तराखंड राज्य समेत देश के अन्य पर्वतीय राज्यों के हिमाच्छादित क्षेत्र में जनसंख्या की गणना का कार्य चल रहा है, ये कार्य 30 सितंबर तक चलेगा। इसके बाद दिसंबर महीने से उत्तराखंड समेत पांच राज्यों में जनसंख्या की गणना का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
इस संबंध में भारत सरकार ने गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, केंद्रीय सरकार, जनगणना नियम, 1990 के नियम 6क और 6घ के साथ पठित जनगणना अधिनियम, 1948 (1948 का 37) की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, ये घोषणा की गई हैं कि गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड राज्य के हिमाच्छादित क्षेत्रों से अलग क्षेत्रों में जनसंख्या की जनगणना 1 दिसंबर, 2026 से 4 जनवरी, 2027 तक की जाएगी।
इस जनसंख्या की जनगणना का पुनरीक्षण दौर 5 जनवरी, 2027 से 9 जनवरी, 2027 तक होगा। इसके साथ ही इस जनगणना के संचालन के लिए, घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना शुरू होने से ठीक पहले 16 नवंबर, 2026 से 30 नवंबर, 2026 तक स्व-गणना का विकल्प जनता के लिए उपलब्ध होगा।
गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब राज्यों और उत्तराखंड राज्य के हिमाच्छादित क्षेत्रों से तमाम क्षेत्रों में जनगणना के लिए संदर्भ तारीख 5 जनवरी, 2027 को 00.00 बजे होगी।
उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा समेत चार राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने हैं और ये चुनाव मार्च महीने तक संपन्न होने की संभावना है जबकि जनगणना के लिए देश भर में फरवरी महीने का समय चुना गया था।लेकिन इन राज्यों में चुनाव होने के चलते भारत सरकार ने इन चारों राज्यों में जनसंख्या की गणना का कार्य चुनाव से पहले यानी दिसंबर महीने में करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में भारत सरकार ने गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। ताकि इन राज्यों में समय से जनसंख्या की गणना का कार्य पूरा हो सके, साथ ही समय से इन राज्यों में चुनाव हो सके।









