नई दिल्ली: पीएम मोदी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के शताब्दी समारोह में विरोधियों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने वैश्विक अनिश्चितता के दौर में भारत के तेज विकास की आलोचना करने के लिए उन्हें आड़े हाथों लिया। पीएम मोदी ने साल 2013 के आसपास की स्थिति का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।पीएम ने 2013 के अपने SRCC दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष में होते हुए भी उन्होंने उस वक्त की सरकार की आलोचना नहीं की। पीएम मोदी ने सरकार के काम में अड़ंगा डालने वालों को भी निशाने पर लिया और उन्हें नाराज फूफा बताया।
SRCC से पीएम ने देश को भरोसा दिलाया कि भारत कृषि एक्सपोर्ट में सुपर पावर होगा और आने वाले समय में इंडिया का अपना स्पेस स्टेशन होगा। पीएम ने कहा कि उन्हें देश के सामर्थ्य पर भरोसा है और इसे भरोसे के दम पर वो विकसित भारत की बात भी करते हैं।
पीएम मोदी ने छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि दुनिया में दो प्रकार के लोग मिलते हैं। पहले वे जो सकारात्मक तरीके से समाज की शक्ति को राष्ट्र की शक्ति में बदलते हैं, और दूसरी प्रजाति उनकी है जो कोई भी नया काम शुरू होने पर ‘नाराज फूफा’ की तरह मुंह फुला लेते हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इन आलोचकों का पसंदीदा काम सिर्फ हर विकास योजना का विरोध करना है। देश में जब भी कोई नई पहल होती है, तो उनका एक ही रटा-रटाया डायलॉग होता है— “इसकी क्या जरूरत है?” उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इन सभी ऐतिहासिक परियोजनाओं की जरूरत पर हमेशा सवाल उठाए, लेकिन आज का भारत ऐसे सभी रोड़ों को पार कर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने युवाओं को विकसित और आत्मनिर्भर भारत के महत्वाकांक्षी लक्ष्य से जोड़ते हुए आह्वान किया कि वह सपने बड़े देखें और उन्हें पूरा करने में जान लगा दें। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि ये केवल बातें नहीं हैं। उन्हें देश के युवाओं पर भरोसा है, उस भरोसे के आधार पर वह विकसित भारत का सपना पूरा होते देख रहे हैं। यह संकल्प है, जिसे सिद्धि में बदलने को लगातार काम हो रहा है।








