नेपाल की भोटेकोशी नदी में बुधवार को अचानक आई बाढ़ के कारण अब तक कम से कम 162 लोगों की मौत हो गई और 133 भारतीय नागरिक समेत 750 लोग लापता हैं। ‘द काठमांडू पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार लापता लोगों में विदेशी नागरिक और सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। अचानक आई बाढ़ ने तीन जिलों में भारी तबाही मचाई और लोगों, घरों, वाहनों तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को बहा ले गई। मध्य नेपाल में कई कस्बे और गांव तबाह हो गए। जरूरी पुल बह गए और एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं ठप हो गई।
बाढ़ ने कई बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया। राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। भारत की ओर से भी मानवीय सहायता और 10 टन आपदा राहत सामग्री भेजी गई है।
गायब हुए 133 भारतीयों में से अधिकांश कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री और पर्यटक हैं। इनमें पश्चिम बंगाल के 32 लोगों का एक पूरा समूह भी शामिल है। लापता लोगों में कुल 28 देशों के लगभग 466 विदेशी नागरिक, 37 एनआरआई और कई नेपाली नागरिक शामिल हैं। ईशा फाउंडेशन के भी करीब 80 विदेशी सदस्यों से संपर्क टूटा हुआ है।
नेपाली सेना और आपदा प्रबंधन टीमें प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार हेलिकॉप्टर ऑपरेशंस चला रही हैं। बाढ़ के कारण एक दर्जन से अधिक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स ठप हो गए हैं, जिससे पूरे प्रभावित क्षेत्र की बिजली और मोबाइल नेटवर्क (कम्युनिकेशन लिंक्स) कट गए हैं। इस वजह से परिजनों का अपने लोगों से संपर्क कर पाना बेहद मुश्किल हो रहा है।
पीएम मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बात कर स्थिति का जायजा लिया और उन्हें हरसंभव मानवीय मदद का आश्वासन दिया। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। लोग +977 985 131 6807 या +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने भी हेल्पलाइन नंबर 0086 185 1428 4905 जारी किया है। नेपाल पर्यटन बोर्ड ने भी आपातकालीन नंबर 1234 और हॉटलाइन 1144 सक्रिय कर दिए हैं।








