पश्चिम बंगाल समेत 5 राज्यों के चुनावी नतीजे 4 मई को आने वाले हैं। जिसे लेकर तमाम तरह की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में 165 अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षक और 77 पुलिस पर्यवेक्षकों की तैनाती की है।
जिन नए पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है उनका काम मतगणना की प्रक्रिया पर नजर रखने के साथ-साथ किसी भी तरह की गड़बड़ी होने से रोकना होगा।
चुनाव आयोग ने कहा कि ये नियुक्तियां भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20B के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए की गई हैं।बयान में कहा गया है कि इस दौरान, ऑब्जर्वर को चुनाव आयोग में प्रतिनियुक्ति पर माना जाएगा और वे आयोग के अधीक्षण और नियंत्रण में काम करेंगे।
चुनाव आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि काउंटिंग ऑब्जर्वर और निर्वाचन अधिकारी के अलावा किसी भी व्यक्ति को काउंटिंग हॉल के अंदर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं है।
हर टेबल पर तैनात माइक्रो-ऑब्जर्वर भी कंट्रोल यूनिट डिस्प्ले से नतीजे खुद नोट करेंगे और हर राउंड के आखिर में (cross-verification) के लिए काउंटिंग ऑब्जर्वर को सौंप देंगे।








