सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के मोकामा से विधायक अनंत सिंह को तगड़ा झटका देते हुए दुलारचंद यादव हत्याकांड में पटना हाई कोर्ट से मिली उनकी जमानत रद्द कर दी है। कोर्ट ने उन्हें 1 दिसंबर 2026 तक या उससे पहले अधिकारियों के सामने सरेंडर करने का कड़ा निर्देश दिया है।
कोर्ट ने बिहार पुलिस और जांच एजेंसी को इस मामले की जांच पूरी करने के लिए 4 महीने का समय दिया है। इसके बाद ही मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय होगी।
यह आदेश दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार द्वारा दायर याचिका पर आया है, जिन्होंने अनंत सिंह की जमानत को चुनौती दी थी। कोर्ट ने टिप्पणी की कि हत्या जैसे गंभीर आपराधिक मामलों को महज राजनीतिक विवाद नहीं माना जा सकता और हाई कोर्ट द्वारा बेल देते समय उनके आपराधिक इतिहास पर सही ढंग से विचार नहीं किया गया।
इस आदेश के बाद तय हो गया है कि जेडीयू से निष्कासित बाहुबली नेता अनंत सिंह को दोबारा जेल की सलाखों के पीछे जाना होगा।









