नई दिल्ली: पीएम मोदी ने गुरुवार को भारत से ओलंपिक खेलों में अपनी भागीदारी बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि 2036 ओलंपिक की तैयारियों के तहत देश को उन खेलों में भी एथलीट तैयार करने चाहिए जिनमें पारंपरिक रूप से उसकी भागीदारी बहुत कम या बिल्कुल नहीं रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ओलंपिक में भारत के प्रदर्शन में तभी सुधार हो सकता है जब देश उन खेलों में भी अपनी भागीदारी बढ़ाए जिनमें उसने अतीत में हिस्सा नहीं लिया है।
‘खेलो इंडिया संवाद’ के दौरान युवाओं को वर्चुअली संबोधित करते हुए, PM मोदी ने कहा कि खेलों को लेकर उनका दृष्टिकोण केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है बल्कि खेलों को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाना है।
पीएम ने कहा, ‘इस बार, लाल किले से मैंने देश का ध्यान खेलों से जुड़ी एक बड़ी चुनौती की ओर आकर्षित किया। यह चुनौती ओलंपिक से जुड़ी है. कड़वा सच यह है कि ओलंपिक में शामिल आधे खेलों में भारत की टीमें हिस्सा ही नहीं लेती हैं।’
उन्होंने कहा, ‘हम पदकों की कुल संख्या के एक बड़े हिस्से के लिए प्रतिस्पर्धा ही नहीं करते। दशकों से ऐसा ही होता आ रहा है। दुनिया के दूसरे देश उन खेलों में पदक जीतते हैं और हम उनमें हिस्सा तक नहीं लेते। पदकों की संख्या बढ़ाने के लिए हमें इन खेलों में भी महारत हासिल करनी होगी।’
इस पहल को 2036 ओलंपिक के लिए भारत की तैयारियों से जोड़ते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि ध्यान सिर्फ़ इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन खिलाड़ियों की पहचान करने पर भी होना चाहिए जो आगे चलकर इन खेलों के लिए क्वालिफाई कर सकें और उनमें हिस्सा ले सकें।
उन्होंने कहा, ‘जब हम 2036 ओलंपिक की तैयारी की बात करते हैं, तो हमारा ध्यान ऐसे खिलाड़ी तैयार करने पर होना चाहिए जो अलग-अलग खेलों में क्वालिफाई करेंगे और हिस्सा लेंगे।’
बता दें कि पीए मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए अपने भाषण में पांच से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए देशव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू करने की घोषणा की थी जिससे कि ओलंपिक में भारत की भागीदारी बढ़ाई जा सके।








