नई दिल्ली: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा, “डरने की कोई ज़रूरत नहीं है। यह लोकतंत्र है। उन्होंने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन हमारी दो और मांगें हैं।धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है लेकिन जिन बच्चों ने सुसाइड किया है, उनके परिवारों को एक करोड़ रुपए का मुआवज़ा मिलना चाहिए। और दूसरा, ये पुलिस वाले गुंडे जिन्होंने 20 तारीख को एक्शन लिया। उसके लिए पुलिस अधिकारियों पर एक्शन होना चाहिए। याद रखना कॉकरोच से पंगा मत लेना।
साथ ही उन्होंने छात्रों से कहा कि सरकार के सामने कभी झुकना नहीं। अगर आप डरोगे नहीं, झुकोगे नहीं तो अच्छे अच्छे का इस्तीफा ले सकते हो। इसलिए आपकी कभी डरना नहीं हैं।
वहीं धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने ट्वीट किया, “यह लोकतंत्र की जीत है, सीधे सड़कों से आई प्रत्यक्ष लोकतंत्र की जीत। यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है।”
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “असली लीडरशिप की पहचान दशकों के काम से होती है और धर्मेंद्र प्रधान का सफ़र सार्वजनिक जीवन और छात्रों के कल्याण के प्रति उनके आजीवन समर्पण का सबूत है। केंद्रीय कैबिनेट में उनके साथ काम करते हुए, मैंने भारत के शिक्षा सिस्टम को मज़बूत करने और हर फ़ैसले में लाखों युवा छात्रों को प्राथमिकता देने के प्रति उनकी सच्ची लगन देखी है। इतने अहम सेक्टर की अगुवाई करने के लिए बहुत ज़्यादा दृढ़ता की ज़रूरत होती है और उन्होंने इसे हिम्मत और साफ़ सोच के साथ अपनाया। धर्मेंद्र जी, आपकी लगातार सेवा, सुधारों के प्रति आपकी प्रतिबद्धता और एक मज़बूत भारत बनाने में आपके योगदान के लिए आपका धन्यवाद। मैं कामना करता हूँ कि आप इसी जोश और ईमानदारी के साथ देश की सेवा करते रहें।









