दिल्ली- दीपावली के बाद दिल्ली-एनसीआर में देर रात तक पटाखों के चलते हवा जहरीली हो गई, जिससे राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 347 के पार होकर ‘बेहद खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गया और प्रदूषण को कम करने के लिए ग्रैप का दूसरा चरण (GRAP-2) लागू कर दिया गया है।
दिवाली के बाद दिल्लीवालों की सांसों पर प्रदूषण का पहरा लग गया है। सोमवार रात राजधानी में जमकर फटाखे फोड़े गए, जिसने हवा को जहरीला बना दिया। सुप्रीम कोर्ट ने भले ही ग्रीन फटाखों को रात 8 से 10 बजे तक फोड़ने की इजाजत दी थी, लेकिन दिल्लीवासियों का उत्साह समय की सीमा को पार करता दिखा। इसके चलते शहर की हवा ‘बेहद खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई और कई इलाकों में धुंध की चादर छा गई।
GRAP-2 लागू:
बढ़ते प्रदूषण के बीच CAQM ने रविवार को दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप के दूसरे चरण को लागू कर दिया। GRAP के तहत प्रदूषण कम करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन फटाखों की अनदेखी ने इन कोशिशों पर पानी फेर दिया।
सुप्रीम कोर्ट की हिदायत और हकीकत:
सुप्रीम कोर्ट ने 15 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन फटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति दी थी। नियम के मुताबिक, फटाखे सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक फोड़े जा सकते थे। लेकिन, दिल्ली की सड़कों पर देर रात तक फटाखों की गूंज सुनाई दी, जिसने हवा को और जहरीला कर दिया।










