लखनऊ : उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स निगम के तहत रखे जाने वाले कर्मचारियों को वेतन हर माह के 5 तारीख तक हर हाल में मिल जाएगा. आउटसोर्स निगम के तहत जो कर्मचारी और पेशेवर रखे जाएंगे उनको 20000 से 40000 रुपये के बीच सैलरी दी जाएगी. इसके अलावा उनके भविष्य निधि का भुगतान भी किया जाएगा.
भविष्य निधि भुगतान के तहत तय पेंशन भी रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को मिलेगी. 58 साल में इन कर्मचारियों का रिटायरमेंट होगा. हर 3 साल में कर्मचारियों का नवीनीकरण किया जाएगा. आउटसोर्स निगम के माध्यम से इंजीनियर और डॉक्टर को भी नियुक्त किया जाएगा.
राज्य सरकार के सचिवालय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव अमित कुमार घोष की ओर से इस संबंध में एक शासनादेश शुक्रवार की रात जारी किया गया. इस शासनादेश के माध्यम से आउटसोर्स निगम के सभी नियमों के बारे में बताया गया है. जिसमें आउटसोर्स निगम का किस तरह से गठन किया जाएगा. चुनी हुई एजेंसियां किस तरह से उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के नियमों के तहत भर्तियां करेंगी.
सभी कर्मचारियों की भर्ती अहर्ता पर नजर आउटसोर्स निगम की कमेटी करेगी, जिसमें आला अधिकारी शामिल होंगे. अमित कुमार घोष ने बताया कि जो भी कर्मचारी इस व्यवस्था में रखे जाएंगे उनकी योग्यता एमबीबीएस, बीटेक से लेकर हाई स्कूल तक होगी. सबसे हायर रेट एमबीबीएस और बीटेक होंगे जिनका 40000 रुपये वेतन होगा. इसी तरह से अलग-अलग वर्ग में नीचे आते-आते 20000 रुपये न्यूनतम वेतन दिया जाएगा.
उन्होंने बताया कि हर हाल में कर्मचारियों का वेतन 5 तारीख तक दे दिया जाएगा. भारतीयों को निर्विवाद रखने के लिए आउटसोर्स निगम कि कमेटी सारे स्पेशल ऑपरेटिव प्रोसीजर पर ध्यान रखेगी. उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के नियमों के तहत भर्ती की जाएगी. भर्ती प्रक्रिया एजेंसी के द्वारा संचालित की जाएगी. उन्होंने बताया कि इस शासनादेश की प्रति सभी मंडल आयुक्त और जिलाधिकारी को दे दी गई है.
महिला कर्मचारियों को गर्भावस्था के दौरान 180 दिन का अवकाश दिया जाएगा. इसके अतिरिक्त कर्मचारियों की मृत्यु की दशा में 15000 रुपये अंतिम संस्कार के लिए तत्काल व्यवस्था की जाएगी. इसके अतिरिक्त भविष्य निधि से मिलने वाली धनराशि भी उपलब्ध कराई जाएगी. जो कर्मचारी के वेतन और उसके काम करने की अवधि के हिसाब से तय होगी.










