‘सभी भारतीय भाषाओं का सम्मान करें’: हिंदी दिवस पर अमित शाह की अपील

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नई दिल्ली: भारत में सैकड़ों भाषाएं बोली जाती हैं. ‘हिंदी’ देश की सबसे बड़ी आबादी में बोली जाने वाली भाषा है. 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया था. इसी फैसले को याद करते हुए 14 सितंबर 1953 को हिंदी दिवस मनाने का फैसला लिया गया. तब से हर साल इस दिन को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दीं.

अपने संदेश में उन्होंने कहा, “हमारा देश मूलतः भाषा-प्रधान राष्ट्र है. हमारी भाषाएं संस्कृति, इतिहास, परंपराओं, ज्ञान, विज्ञान, दर्शन और अध्यात्म को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम रही हैं. हिंदी दिवस के इस अवसर पर, आइए हम हिंदी सहित सभी भारतीय भाषाओं का सम्मान करें और एक आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और विकसित भारत की ओर अग्रसर हों.”

अमित शाह ने कहा हिमालय की ऊंचाइयों से लेकर दक्षिण के विशाल समुद्र तटों तक, रेगिस्तान से लेकर बीहड़ जंगलों और गांव की चौपालों तक, भाषाओं ने हर परिस्थिति में मनुष्य को संगठित रहने और संवाद एवं अभिव्यक्ति के माध्यम से एकजुट होकर आगे बढ़ने का मार्ग दिखाया है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत की भाषाओं की सबसे बड़ी ताकत यह है कि उन्होंने हर वर्ग और समुदाय को अभिव्यक्ति का अवसर प्रदान किया है.

गृह मंत्री ने कहा कि हिंदी के साथ-साथ, सभी भारतीय भाषाओं के कवियों, साहित्यकारों और नाटककारों ने लोक भाषाओं, लोककथाओं, लोकगीतों और लोकनाट्यों के माध्यम से हर आयु वर्ग, वर्ग और समुदाय में स्वतंत्रता के संकल्प को मजबूत किया. उन्होंने कहा, “‘वंदे मातरम’ और ‘जय हिंद’ जैसे नारे हमारी भाषाई चेतना से उभरे और स्वतंत्र भारत के गौरव के प्रतीक बन गए.”

गृह मंत्री ने कहा कि आजादी के अमृत काल में, पीएम मोदी ने देश को गुलामी के प्रतीकों से मुक्त कराने के लिए पंच प्रण लिए हैं, जिनमें भाषाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने कहा, “हमें संचार और संवाद के माध्यम के रूप में भारतीय भाषाओं को अपनाना होगा.”

शाह ने कहा कि राजभाषा विभाग ने अपनी स्थापना के 50 स्वर्णिम वर्ष पूरे करते हुए हिंदी को जन-जन की भाषा और जनचेतना की भाषा बनाने में उल्लेखनीय कार्य किया है. उन्होंने कहा, “2014 से सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रयोग को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है.”

गृह मंत्री ने कहा कि 2024 में हिंदी दिवस पर सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं के बीच निर्बाध अनुवाद सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारतीय भाषा अनुभाग की स्थापना की गई है. उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हिंदी और अन्य भारतीय भाषाएं केवल संचार का माध्यम ही न बनें, बल्कि प्रौद्योगिकी, विज्ञान, न्याय, शिक्षा और प्रशासन की आधारशिला बनें.”

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Author: News 7

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