बंगाल विधानसभा में BJP-TMC विधायकों के बीच हाथापाई, कई भाजपा विधायक निलंबित

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कोलकाता। बंगाल विधानसभा के विशेष सत्र के अंतिम दिन गुरुवार को भाजपा शासित राज्यों में बंगाली प्रवासी श्रमिकों के कथित उत्पीड़न के खिलाफ प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन में अभूतपूर्व हंगामा देखने को मिला।हंगामे के बाद बीजेपी ने राज्य की ममता सरकार को जमकर घेरा है। बीजेपी विधायक शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि आज पश्चिम बंगाल विधानसभा में लोकतंत्र की हत्यारी ममता और उनके सहयोगी प्रशासन द्वारा लोकतंत्र की हत्या कर दी गई।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जैसे ही प्रस्ताव पर बोलने के लिए खड़ी हुईं विपक्षी भाजपा के विधायकों ने सीटों से खड़े होकर नारेबाजी शुरू कर दी।

पांच भाजपा विधायक निलंबित:

लगातार नारेबाजी व सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) बिमान बनर्जी ने पांच भाजपा विधायकों- मुख्य सचेतक डॉ. शंकर घोष, अग्निमित्रा पाल, मिहिर गोस्वामी, अशोक डिंडा व बंकिम घोष को आज के लिए सदन की शेष कार्यवाही से निलंबित कर दिया। डेढ घंटे से अधिक समय तक सदन में दोनों तरफ से लगातार नारेबाजी व हंगामा चलता रहा।

सीएम दे रही थी भाषण, बीजेपी विधायक कर रहे थे नारेबाजी:

मुख्यमंत्री के पूरे भाषण के दौरान भाजपा विधायकों ने जबरदस्त नारेबाजी की। इस दौरान सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के विधायकों ने भी भाजपा को चोर- चोर बताते हुए नारेबाजी की। हंगामे की शुरुआत दोपहर 1.50 बजे तब हुई जब मुख्यमंत्री जैसे ही प्रस्ताव पर बोलने के लिए खड़ी हुईं, भाजपा के मुख्य सचेतक शंकर घोष ने आरोप लगाया कि प्रस्ताव पर हमारे सभी वक्ताओं को स्पीकर ने बोलने नहीं दिया।

स्पीकर ने आरोपों को खारिज करते हुए प्रदर्शन कर रहे भाजपा विधायकों से बार-बार सीटों पर बैठने की अपील की लेकिन नारेबाजी जारी रही। यहां तक की सदन के बीचोंबीच आकर विपक्षी विधायक नारेबाजी कर रहे थे और कागज के टुकड़े भी फाड़कर फेंकें। चेतावनी के बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में सबसे पहले भाजपा के मुख्य सचेतक डॉ. शंकर घोष को आज की शेष कार्यवाही के लिए सदन से निलंबित कर दिया।

उन्होंने मार्शल को शंकर घोष को सदन से बाहर निकालने का निर्देश दिया।इस दौरान भाजपा विधायकों और मार्शलों के बीच जमकर हाथापाई हुई। उन्हें बाहर निकालने की कोशिश के बीच भाजपा के अन्य विधायक शंकर घोष के इर्द-गिर्द जुट गए, जिससे दोनों तरफ से खूब खींचतान चली और इसी बीच घोष नीचे फ्लोर पर गिर पड़े। इससे माहौल और भी गरम हो गया। काफी मशक्कत के बाद मार्शलों ने शंकर घोष को आखिरकार जबरन खींच के सदन से बाहर निकाला।

 

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Author: News 7

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